Monday , 19 April 2021

यूके और यूरोप के देशों से गुजरात आए 1720 यात्रियों में 11 की रिपोर्ट पॉजिटिव

अहमदाबाद (Ahmedabad) . यूनाइटेड किंगडम (यूके) और यूरोप के देशों में कोरोना (Corona virus) के नए स्ट्रेन यानी एक नया प्रकार मिलने के बाद सतर्कता के रूप में भारत सरकार ने इन देशों से भारत आने वाली सभी उड़ानों को 23 दिसंबर से रद्द कर दिया है. भारत सरकार ने ऐसे दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं कि इन देशों से 26 नवंबर से 8 दिसंबर के दौरान भारत आने वाले सभी यात्रियों (Passengers) को सेल्फ मॉनिटरिंग में रहना पड़ेगा. इतना ही नहीं, 9 दिसंबर से 23 दिसंबर के दौरान भारत आए सभी यात्रियों (Passengers) को आइसोलेशन में रहना होगा तथा उन सभी का कोविड-19 (Covid-19) का आरटीपीसीआर टेस्ट अनिवार्य रूप से कराना होगा. मुख्यमंत्री (Chief Minister) विजय रूपाणी के परिवार ने भी केंद्र सरकार (Central Government)के इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कर अन्य नागरिकों के समक्ष एक अनोखी मिसाल पेश की है.

मुख्यमंत्री (Chief Minister) की सुपुत्री राधिका तथा दामाद निमित्त और पौत्र शौर्य भी इसी अवधि के दौरान यूके से गुजरात (Gujarat) लौटे हैं और उन्होंने भारत सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक अपना आरटीपीसीआर टेस्ट करवाया है. उन तीनों की रिपोर्ट निगेटिव आई है. उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार गुजरात (Gujarat) राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने भी यूके और यूरोप के देशों से आए यात्रियों (Passengers) का कोरोना टेस्ट करने की प्रक्रिया शुरू की है. जिसके अनुसार, 25 नवंबर से 8 दिसंबर के दौरान ऐसे 572 यात्री यूके और यूरोप से राज्य में आए हैं, जिनमें से एक व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. इसके अलावा, 9 दिसंबर से 23 दिसंबर के दौरान 1148 व्यक्ति इन देशों से गुजरात (Gujarat) में आए हैं. उनका आरटीपीसीआर टेस्ट करने पर अहमदाबाद (Ahmedabad) के 4, वडोदरा-2, आणंद-2, भरुच-2 और वलसाड़ के 1 व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. इन व्यक्तियों को उपचार के लिए विभिन्न हॉस्पिटलों में भर्ती किया गया है.

हाल ही में नजर आए कोरोना (Corona virus) के एक नए प्रकार के लक्षण इन व्यक्तियों में मौजूद हैं या नहीं, उसकी संपूर्ण जांच-परीक्षण के लिए उनके सेम्पल पुणे (Pune) के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी और गांधीनगर (Gandhinagar) के गुजरात (Gujarat) बॉयोलॉजिकल रिसर्च सेंटर में भेजे गए हैं. आम तौर पर ऐसे सेम्पल के परीक्षण के लिए 8 से 10 दिन का समय लगता है जिसके अनुसार आगामी सप्ताह में उनकी फाइनल रिपोर्ट आने के बाद उपचार की आगे की व्यवस्थाएं राज्य सरकार (State government) करेगी.

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