Sunday , 11 April 2021

मोटेरा के फ्लॉप शो के बाद पिंक बॉल की चमक को कम करने पर काम कर रही कंपनी

एसजी के मार्केटिंग निदेशक पारस आनंद ने कहा, हमने इस पर पहले ही काम शुरू कर दिया है

नई दिल्ली (New Delhi) . भारत और इंग्लैंड के बीच चार टेस्ट मैचों की सीरीज का तीसरा मैच पिंक गेंद से नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया था. यह डे-नाइट टेस्ट मैच महज दो दिन से भी कम वक्त में खत्म हो गया था. क्रिकेट दिग्गजों ने इस मैच के बाद जमकर आलोचना की थी. वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि पिंक बॉल से खेलना सहज नहीं है. खासतौर पर लाइट्स में. अब पिंक बाल निर्माता ने इस बात का खुलासा किया है कि वे गेंद की चमक को कम करने के लिए काम कर रहे हैं. एसजी के मार्केटिंग निदेशक पारस आनंद ने कहा, ”हमने इस पर पहले ही काम शुरू कर दिया है. नई तकनीक गेंद के रंग को बरकरार रखेंगी और उसकी चमक को कम करेंगी, जिसका परिणाम होगा कि गेंद तेजी से मूव करेगी. यह काम चल रहा है.

गौरतलब है कि अहमदाबाद (Ahmedabad) में भारत ने मेहमान टीम इंग्लैंड को दो दिन में ही 10 विकेट से पराजित कर दिया था. इंग्लैंड ने पहली पारी में 112 और दूसरी में 81 रन बनाए थे. इस मैच में स्पिनर्स (Nurse) पूरी तरह से बल्लेबाजों पर भारी पड़े थे. रविचंद्रन अश्विन और अक्षर पटेल ने अहमदाबाद (Ahmedabad) में काफी प्रभावित किया था. इन दोनों ने मैच कुल मिलाकर 18 विकेट झटके थे. वहीं, इससे पहले दोनों टेस्ट मैच चेन्नई (Chennai) के चेपॉक स्टेडियम में खेले गए थे. पहला टेस्ट मैच इंग्लैंड ने 227 रन से जीता था. इसके बाद दूसरे टेस्ट मैच में भारत ने शानदार वापसी करते हुए 317 रनों से जीत हासिल की थी.

भारत फिलहाल सीरीज में 2-1 से आगे चल रहा है. सीरीज का चौथा और अंतिम मैच 4 मार्च से अहमदाबाद (Ahmedabad) के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा. अहमदाबाद (Ahmedabad) में पिंक बॉल टेस्ट को लेकर पारस आनंद ने कहा, ”यह फीडबैक हमें नवंबर 2019 में बांग्लादेश के खिलाफ पिंक बॉल टेस्ट के बाद नहीं मिला था, लेकिन अब यह मसला उठा है तो हम बीसीसीआई से भी इस बारे में बातचीत करेंगे. लेकिन हमने इस पर काम करना शुरू कर दिया है कि कैसे इस समस्या को सुलझाया जा सकता है. हम कोशिश कर रहे हैं कि गेंद की चमक कम हो और उसका रंग उपयुक्त हो.

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