Thursday , 29 October 2020

मेवाड़ वागड़ हाई कोर्ट बेंच संघर्ष : आदिवासी एडवाइजरी कमिटी से CM को हटाने और जनजातीय नेता को अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव

उदयपुर. उदयपुर में मेवाड़ हाई कोर्ट बेंच संघर्ष समिति की जायज मांग का 37 वर्षों से उपेक्षा कर रही राज्य सरकार में काबीज एवं आदिवासियों के इस जायज मांग को लेकर आदिवासी सलाहकार कमेटी के चेयरमैन पद से राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को हटाकर किसी आदिवासी नेता को इसका चेयरमैन बनाने का सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया.

जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में बने बार एसोसिएशन सभागार में राजस्थान हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति की एक्शन कमेटी की हुई आज इस बैठक में आदिवासी सलाहकार समिति में मेवाड़ के किसी जनजातीय वर्ग के मंत्री को इसका चेयरमैन बनाने, इस मांग को लेकर प्रतिवर्ष  विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर हाई कोर्ट बेंच के पक्ष में साहित्यिक गतिविधियां आयोजित करने एवं आंदोलन की 37 वर्षीय संघर्ष यात्रा पर स्मारिका का प्रकाशन करने का भी निर्णय लिया गया. इसके अलावा आगामी 7 सितंबर को होने वाले धरना प्रदर्शन को नए स्वरूप में आयोजित करने का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया.

मेवाड़ वागड़ हाई कोर्ट में संघर्ष समिति के संयोजक रमेश नंदवाना की अध्यक्षता में हुई एक्शन कमेटी की बैठक में बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष भरत वैष्णव ने हाई कोर्ट बेंच संघर्ष समिति की मांग का प्रस्ताव मुख्य न्यायाधीपति को भेजने एवं विधि मंत्री को सांसदों के माध्यम से भेजने की बात कही, वही महेंद्र नागदा ने अधीनस्थ न्यायालय में 7 तारीख को पूर्णतया कार्य स्थगन करने एवं आंदोलन को प्रभावी बनाने पर जोर दिया.अधिवक्ता हेमंत जोशी ने इस मांग को लेकर हाई कोर्ट में ई फाइलिंग करने एवं कार्यशाला आयोजित करने की बात कही.

पूर्व संयोजक शांतिलाल चपलोत ने मुख्य न्यायाधीश उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय को पत्र प्रेषित करने, जिला संघर्ष समिति के संयोजक सत्येंद्र पाल छाबड़ा ने संघर्ष को अनवरत जारी रखने, एडवोकेट हरीश पालीवाल ने हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर प्रतिदिन 2 घंटा कार्यालय में बैठके आयोजित करने ,एक्शन कमेटी की बैठक प्रतिमाह करने तथा इस मांग से संबंधित लोगों से लगातार पत्र व्यवहार करने और शीर्षस्थ नेता सचिन पायलट को उदयपुर आमंत्रित करने का प्रस्ताव दिया.

बार कौंसिल ऑफ राजस्थान के उपाध्यक्ष राव रतन सिंह इस जायज मांग को सोशल मीडिया के जरिए प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति एवं राज्यपाल तक पहुंचाने एवं बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष शर्मा ने संभाग भर में प्रत्येक जिला मुख्यालय पर हाईकोर्ट बैंक संघर्ष समिति का अलग से संयोजक एवं कार्यकारिणी गठित करने और व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर प्रतिक्रियाएं सरकार तक भिजवाने का प्रस्ताव दिया

बार के महासचिव चक्रवर्ती सिंह राव ने नए अधिवक्ताओं को सदस्यता देने के साथ ही हाईकोर्ट बेंच आंदोलन से जुड़ने संबंधित आवेदन फॉर्म भरवाने सीनियर अधिवक्ता सी पी शर्मा ने स्कूलों कॉलेज लेवल पर बार में हाई कोर्ट बेंच के पक्ष में भाषण प्रतियोगिता आयोजित करने पूर्व महासचिव शांतिलाल पामेचा ने मई 2018 में रोके गए आंदोलन को उसी उग्रता के साथ शुरू एवं संभाग में सभी जगह जाकर बैठ कर आयोजित कर आंदोलन को नया स्वरूप देने का प्रस्ताव दिया.

पूर्व अध्यक्ष शंभू सिंह राठौड़ ने प्रधानमंत्री एवं सचिन पायलट को पत्र लिखकर उदयपुर आमंत्रित करने तकनीक का भरपूर उपयोग कर प्रचार प्रसार करने भरत जोशी ने इस मांग को संभाग की सभी बार में में लोगों को जोड़कर काम करने शीतल नंदवाना ने राजनीतिक विचार को छोड़कर वकीलों की जायज मांग पर एकजुट होकर काम करने का प्रस्ताव दिया.

बैठक में अधिवक्ता गगन सनाढ्य बृजेंद्र सेठ उपाध्यक्ष नीलांक्ष द्विवेदी वित्त सचिव पृथ्वीराज तेली सदस्य महेंद्र चारण राजेश उपाध्याय आदि ने विचार रखे. इससे पहले हाई कोर्ट बेंच संघर्ष समिति के महासचिव रामकृपा शर्मा ने अबतक के आंदोलन पर प्रकाश डाला तथा आंदोलन को संभाग के साथ विभिन्न आमजन को जोड़कर उग्र करने का प्रस्ताव रखा. महासचिव रामकुमार शर्मा ने धन्यवाद की रस्म अदा भी की