Tuesday , 28 January 2020
मानव तस्‍करी का अड्डा बना शिरडी : 1 साल में गायब हुए 88 लोग, हाईकोर्ट ने कहा- मानव तस्करी की करें जांच

मानव तस्‍करी का अड्डा बना शिरडी : 1 साल में गायब हुए 88 लोग, हाईकोर्ट ने कहा- मानव तस्करी की करें जांच

गायब लोगों में ज्यादातर महिलाएं शामिल, मामले की अगली सुनवाई 10 जनवरी, 2020 को

मुंबई, . पिछले एक साल में महाराष्ट्र के धार्मिक शहर शिरडी शहर से 88 से अधिक व्यक्तियों के लापता होने के तथ्य का बॉम्बे हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया. कोर्ट ने पुलिस को गुमशुदगी के पीछे मानव तस्करी की संभावना की जांच करने का आदेश दिया है. मनोज कुमार नामक एक व्यक्ति की 2018 की आपराधिक याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ के न्यायाधीश टीवी नलवाडे और न्यायाधीश एसएम गवान्हे की पीठ ने यह आदेश दिया. दरअसल मनोज की पत्नी 2017 में शिरडी से लापता हो गई थी.

हाईकोर्ट ने कहा, ‘पिछले एक साल में शिरडी से 88 से अधिक लोग लापता हो गए. ज्यादातर मामलों में, लोग साईं बाबा के मंदिर में दर्शन करने के लिए शिरडी आए थे.’ हाईकोर्ट ने कहा कि गायब लोगों में कुछ का पता चला लेकिन कुछ का कोई पता नहीं चला. उनमें ज्यादातर महिलाएं हैं. न्यायाधीश ने कहा, ‘जब कोई गरीब व्यक्ति गायब होता है तो रिश्तेदार असहाय होते हैं. ज्यादातर लोग पुलिस के पास पहुंचते ही नहीं और बमुश्किल ही ऐसे मामले इस अदालत में आ पाते हैं.’ हाईकोर्ट ने कहा, ‘इस प्रकार, ऐसी संभावना है कि रिकार्ड के अनुसार 88 से अधिक लोग गायब हो गए.’

हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसी घटनाओं के पीछे वजह मानव तस्करी या अंगों का रैकेट हो सकती है. हाईकोर्ट ने कहा, ‘ऐसी संभावना के कारण, यह अदालत अमहदनगर के पुलिस अधीक्षक से जांच के लिए विशेष इकाई गठित करने की उम्मीद करती है और तस्करी या अंगों के खरीद-फरोख्त में लगे लोगों का पता लगाने और कार्रवाई करने की उम्मीद है.’ मामले की अगली सुनवाई 10 जनवरी, 2020 को होगी. बता दें कि शिरडी में साईबाबा का प्रसिद्ध मंदिर है जिन्हें विभिन्न समुदाय के लोग पूजते हैं. देश के सबसे समृद्ध धर्मस्थलों में शामिल शिरडी में रोजना देश-विदेश से हजारों लोग पहुंचते हैं.