Friday , 27 November 2020

महाराष्ट्र में मिले कोरोना के 14 हजार से ज्यादा मरीज मिले, देश में 21 लाख से ज्यादा मरीज ठीक


नई दिल्ली . महाराष्ट्र में गुरुवार को कोरोना संक्रमण के 14,647 नए मामले सामने आने के साथ ही पीड़ितों की संख्या बढ़कर 6,43,289 हो गई. इनमें से 4,59,124 ठीक हो चुके हैं जबकि 21,359 की मौत हो गई है. महाराष्ट्र में 1 दिन में संक्रमण का यह नया रिकॉर्ड है. सारे देश में गुरुवार को रात 10 बजे तक 29 लाख 1 हजार 54 मरीज मिल चुके थे. गुरुवार को संक्रमण के 65,232 नए मामले सामने आए. इस दिन 57,351 मरीज ठीक भी हो गए और ठीक होने वालों की संख्या 21,53,419 हो गई. इस प्रकार देश में रिकवरी रेट 74.22% हो चुका है. हालांकि 54,948 मरीजों की मौत भी हो गई है. इस प्रकार मृत्यु दर 1.89% है.

गुरुवार को तमिलनाडु में 5986, आंध्रप्रदेश में 9393, कर्नाटक में 7385, उत्तरप्रदेश में 4284, पश्चिम बंगाल में 3197, ओडिशा में 2896, केरल में 1968, पंजाब में 1741, मध्यप्रदेश में 1142, गुजरात में 1175, तेलंगाना में 1724, दिल्ली में 1215 नए संक्रमित मरीज मिले. यह वे राज्य हैं जिनमें मरीजों की मिलने की संख्या 1000 से ऊपर है और इन्हीं राज्यों की वजह से देश में संक्रमण की रफ्तार इतनी तेज है. बाकी राज्यों की तुलना में इन राज्यों में अधिक संख्या में मरीजों के मिलने के कारण देश में कोरोना का प्रसार दुनिया में सबसे तेज हो गया है. बीते लगभग 2 सप्ताह से भारत में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या प्रतिदिन दुनिया में सर्वाधिक मिल रही है. हालांकि संक्रमण के लिहाज से भारत अभी भी अमेरिका और ब्राजील से पीछे है. भारत में मृत्यु दर भी घटकर 2% से नीचे आ गई है.

संक्रमित मरीजों की संख्या में वृद्धि का कारण प्रतिदिन होने वाले टेस्ट हैं. वर्तमान में देश में प्रतिदिन सवा नौ लाख से अधिक कोरोनावायरस टेस्ट हो रहे हैं, जिसके कारण इतनी अधिक संख्या में मरीज मिल रहे हैं. शीघ्र ही प्रतिदिन 10 लाख के करीब टेस्ट किए जाएंगे जिससे तस्वीर और स्पष्ट हो जाएगी. विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिदिन 20 लाख टेस्ट करने से 10 दिन के भीतर कोरोना की वास्तविक स्थिति का पता चल जाएगा और इस पर नियंत्रण होना भी शुरू हो जाएगा. इस बीच दुनियाभर में कोरोना को लेकर वैक्सीन पर शोध जारी है. भारत में भी इस दिशा में ट्रायल चल रहे हैं लेकिन अभी तक कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं आया है, जिसका उपयोग भारत में बड़े पैमाने पर हो सके.

रूस और चीन जैसे देशों ने कोरोना के वैक्सीन बनाने का दावा किया है, लेकिन इसका उपयोग फिलहाल वहां की जनसंख्या पर किया जाएगा. इन दोनों देशों ने जिस जल्दबाजी में कोरोना वैक्सीन बनाया है उससे इस वैक्सीन की प्रभावशीलता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. हालांकि राहत की बात यह है कि देश के अनेक हिस्सों में कोरोना के प्रति एंटीबॉडी डिवेलप हो रही है. अनेक शहरों में सोरो सर्वे से यह बात उभरकर सामने आई है कि जनसंख्या के एक बड़े हिस्से में कोरोना के प्रति लड़ने की क्षमता पैदा हो चुकी है.