Saturday , 31 October 2020

भारत और चीन नियंत्रण रेखा पर फौजों की पूरी तरह वापसी के लिये गंभीरता से प्रयास करेंगे


नई दिल्ली . लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत और चीन बीच सैन्य तनाव कम करने के लिये अधिकारियों की फिर से बातचीत हुई. वर्किंग मैकेनिजम फॉर कंसल्टेशन एंड कॉर्डिनेशन ऑन इंडिया-चीन बॉर्डर के तहत हुई इस बैठक में विदेश और रक्षा मंत्रालय के अधिकारी मौजूद थे. बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया है कि दोनों पक्षों ने सीमा पर मौजूदा हालात पर गहराई से विचार किया और यह प्रतिबद्धता जताई कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर फौजों की पूरी तरह वापसी के लिये दोनों देश गंभीरता से काम करते रहेंगे.

दोनों देशों ने यह विश्वास जताया कि सीमा पर शांति सुनिश्चित करना बेहतर द्विपक्षीय संबंधों के लिए ज़रूरी है. दोनों देश इस बैठक में राजी हुए कि एलएसी पर फौजों के जमावड़े को ख़त्म करने के लिये सैन्य एवं कूटनीतिक दोनों स्तरों पर आपसी संवाद आगे भी बनाए रखेंगे. हालांकि, अभी तक चीन न तो देपसांग से और न ही पैंगोंग झील से अपने सैनिकों को पीछे हटाने के लिए तैयार हुआ है.

भारत का स्पष्ट कहना है चीनी सैनिक अप्रैल 2020 से पहले वाली जगह पर चले जाएं. वास्तविक नियंत्रण रेखा पर मई से हुए तनाव को घटाने के लिये यह चौथी बैठक थी. पिछली बैठक 24 जुलाई को हुई थी. पांच दफा कोर कमांडर लेवल बातचीत हो चुकी है. इसके बावजूद दोनों देशों के सैनिकों के बीच गतिरोध बरकरार है. हालात यह हैं कि फिलहाल विवाद सुलझने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं. ठंड बढ़ने से दोनों देशों के सैनिकों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है लेकिन कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है.