Monday , 10 May 2021

फीवर क्लीनिकों में नहीं हो रहीं 12 घंटे कोरोना की जांच

भोपाल (Bhopal) .जानलेवा कोरोना (Corona virus) की जांच के ‎लिए बनाए गए फीवर क्लीनिकों में पूरे बारह घंटे जांच का काम नहीं हो रहा है. राजधानी में 47 अस्पतालों में फीवर क्लीनिक बनाकर कोरोना की जांच की सुविधा शुरू की गई है. कहने को तो यहां सुबह आठ से रात आठ बजे तक कोरोना की जांचें की जा रही हैं, लेकिन हकीकत यह है कि ज्यादातर अस्पतालों में सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक ही कोरोना की जांच हो पा रही है.

जेपी अस्पताल, हमीदिया अस्पताल समेत अन्य बड़े अस्पतालों में ही रात आठ बजे तक कोरोना की जांचें की जा रही हैं. इस वजह से मरीजों को परेशानी हो रही है. उन्हें जांच के लिए जेपी या फिर हमीदिया अस्पताल जाना पड़ रहा है. जांचें सुबह आठ से रात आठ बजे तक नहीं होने के पीछे स्‍टाफ की कमी का भी हवाला दिया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का यह भी तर्क है कि कई फीवर क्लीनिकों में दिनभर में दो-तीन मरीज ही जांच के लिए पहुंच रहे थे. ऐसे में दो शिफ्ट में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर पदस्थ करना ठीक नहीं था. इससे दूसरे काम भी प्रभावित हो रहे थे.गौरतलब है कि शहर में 17 संजीवनी क्लीनिकों, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के अलावा जेपी अस्पताल, एम्स और गांधी मेडिकल कॉलेज को फीवर क्लीनिक बनाया गया है.

जेपी, एम्स और जीएमसी समेत कुछ फीवर क्लीनिक को छोड़ दें तो बाकी जगह सुबह आठ से रात आठ बजे तक जांचें नहीं की जा रही हैं. रात में तो किसी भी फीवर क्लीनिक में कोरोना के सैंपल नहीं लिए जा रहे हैं. रात में किसी मरीजों को कोरोना के लक्षण दिखने पर भी उसे सुबह तक इंतजार करना पडता है. मरीजों को गफलत इसलिए भी हो रही है कि सार्थक लाइट एप में जांच की सुविधा सुबह आठ से रात आठ बजे तक बताई गई है. एप में फीवर क्लीनिकों में नाम और लोकेशन में भी बताई जा रही है. मरीज जांच के लिए पहुंचता है तब उसे पता चलता है कि जांच वहां पर नहीं हो पाएगी. इस बारे में सीएमएचओ, भोपाल (Bhopal) डॉ. प्रभाकर तिवारी का कहना है ‎कि कुछ फीवर क्लीनिक में बहुत कम लोग जांच के लिए आ रहे थे. वहां दो शिफ्ट में जांचें नहीं की जा रही हैं. बाकी सभी क्लीनिक में सुबह आठ से रात आठ बजे तक जांचें की जा रही हैं.

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