Wednesday , 23 June 2021

प्राकृतिक विश्व की हिफाज़त करने 27 मार्च को होगा अर्थ-ऑवर


उदयपुर (Udaipur). प्राकृतिक विश्व की हिफाज़त करने में जन-जन के जुड़ाव को सुनिश्चित करने के लिए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की ओर से 27 मार्च को रात्रि 8.30 बजे से 9.30 बजे तक अर्थ-ऑवर का आयोजन रखा गया है. डब्ल्यू डब्ल्यू एफ इंडिया के उदयपुर (Udaipur) संभागीय अधिकारी अरूण सोनी ने बताया कि ‘स्विच ऑफ एण्ड स्पीक अप फॉर नेचर’ थीम पर आयोजित होने वाले अर्थ ऑवर में विभिन्न कार्यालयों, संस्थाओं और घरों में एक घंटे तक बिजली को बंद रखते हुए प्रकृति के संरक्षण विषय पर प्रतिबद्धता जताई जाएगी.  उन्होंने बताया कि इस वर्ष अर्थ-ऑवर 7 भाषाओं में अपना संदेष लेकर जनसामान्य तक पहुंचेगा और उन्हें उत्साहित करेगा कि अपने छोटे और बडे़ हर कार्य से हमारे अपने घर पृथ्वी के लिए अलग हटकर कार्य करें.

अर्थ-ऑवर पोस्टर सीरीज का हुआ विमोचन:

अर्थ-ऑवर को देखते हुए इसके लिए विशेष रूप से तैयार की गई पोस्टर सीरीज का विमोचन  सिटी पैलेस में अरविन्द सिंह मेवाड़ ने किया और उन्होंने जिले व प्रदेशवासियों से 27 मार्च को अपनी सहभागिता निभाते हुये इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने की अपील की. इस अवसर पर सेवानिवृत्त मुख्य वन संरक्षक एवं ग्रीन पीपल सोसायटी के अध्यक्ष राहुल भटनागर ने उदयपुर (Udaipur)वासियों से अर्थ ऑवर में अपनी भागीदारी निभाने की अपील की. संभागीय अधिकारी अरूण सोनी ने अर्थ ऑवर की थीम बताते हुए राज्य व जिले में हो रहे आयोजनों के बारे में बताया. उन्होंने बताया कि इस दौरान कई विभाग, कार्यालय, होटल, विद्यालय, सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय, महाविद्यालय एवं सज्जनगढ़ मानसून पैलेस, वन विभाग आदि भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगें.

पृथ्वी के संरक्षण की संकल्पना है अर्थ-ऑवर:

अर्थ-ऑवर विश्व प्रकृति निधि भारत का सर्वोत्कृष्ट पर्यावरण कार्यक्रम है. सिडनी से 2009 में प्रारम्भ हुआ यह अभियान विश्व के सबसे बड़े ज़मीनी स्तर पर जुडे पर्यावरण के कार्यक्रमों में से एक है जो 180 से अधिक देषों के व्यक्तियों, समुदायों, व्यापारियों, संस्थाओं को प्रेरणा देता है और एक दशक से अधिक समय से ठोस पर्यावरण कार्यों को निष्पादित करता है. विगत समय में अर्थ-ऑवर जलवायु संकट पर केन्द्रित था, परन्तु वर्तमान समय में भविष्य में होने वाली प्राकृतिक हानियों जैसे ज्वलंत मुद्दों पर भी अर्थ-ऑवर संघर्ष के प्रयास करता है. इसका उद्देश्य प्रकृति के लिए अविराम अभियान चलाना है विषेषकर तब जब विष्व जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए एक हो रहा है. अभियान, व्यक्तिगत प्रयासों से समाधान खोजने वालों को मान्यता देता है और ग्रह की बड़ी ज्वलंत समस्याओं से निपटने के लिए लाखों समर्थकों की संयुक्त शक्ति को परिवर्तन लाने में उपयोगी होता है.

प्रकृति के लिए आवाज उठायें: सिंह

कोविड महामारी (Epidemic) के बीच भी अर्थ-ऑवर की महत्ता पर विष्व प्रकृति निधि-भारत के महासचिव और मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि सिंह ने बताया कि अर्थ-ऑवर पर हर व्यक्ति प्रकृति के लिए आवाज़़ उठायें और अपना सहयोग एक हरित, सतत् विकासषील और स्वस्थ ग्रह के निर्माण में करें.

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