पाक पीएम इमरान खान के हक्‍कानी ‘ज्ञान’ की बख‍िया उधेड़ रहे उनके ही लोग – Daily Kiran
Thursday , 28 October 2021

पाक पीएम इमरान खान के हक्‍कानी ‘ज्ञान’ की बख‍िया उधेड़ रहे उनके ही लोग

इस्‍लामाबाद . अफगानिस्तान में तालिबान सरकार में हक्कानी नेटवर्क की भूमिका के बाद यह मामला दुनिया भर में चर्चा का विषय बना है. दरअसल, पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने लाखों डॉलर (Dollar) के इनामी हक्‍कानी नेटवर्क के आतंकियों का समर्थन किया है और दावा किया है कि अमेरिका ने उन्‍हें आतंकी कभी नहीं समझा. इमरान खान ने कहा कि हक्‍कानी एक पश्‍तून कबीला है और वे मुजाहिद्दीन थे जो सोवियत संघ के खिलाफ लड़ते थे. उन्‍होंने कहा कि हक्‍कानी का जन्‍म पाकिस्‍तान के एक शरणार्थी श‍िव‍िर में हुआ था. इमरान खान अपने इस बयान को लेकर सोशल मीडिया (Media) में काफी ट्रोल हो रहे हैं और खुद उनके ही लोग पाकिस्‍तान पीएम के ‘ज्ञान’ की बख‍िया उधेड़ रहे हैं. पाकिस्‍तान के अमेरिका में राजदूत रह चुके हुसैन हक्‍कानी ने ट्वीट किया, ‘अगर जलालुद्दीन हक्‍कानी, हक्‍कानी कबीले से है तो इमरान खान ऑक्‍सफोर्ड कबीले के हैं.’ उन्‍होंने बताया कि जलालुद्दीन हक्‍कानी और उसका बेटा सिराजुद्दीन हक्‍कानी पाकिस्‍तान के खैबर पख्‍तूनख्‍वा प्रांत के हक्‍कानिया मदरसा में पढ़ने के कारण हक्‍कानी कहे जाते हैं. पश्‍तून हक्‍कानी को उनका यह नाम दारुल उलूम हक्‍कानिया में पढ़ने के कारण मिला है. जलालुद्दीन और उसका परिवार जदरान कबीले से है. पश्‍तूनों में कोई हक्‍कानी नहीं है.’

इससे पहले इमरान खान ने एक अमेरिकी टीवी चैनल को दिए साक्षात्‍कार में कहा कि दुनिया को पाकिस्‍तान यह कहने की बजाय कि तालिबान को कंट्रोल, उन्‍हें हमें और समय देना चाहिए. इमरान खान का ‘हमें’ से इशारा अमेरिका की ओर था. इमरान खान ने अशरफ गनी सरकार की ओर संकेत करते हुए कहा कि अफगानिस्‍तान का कठपुतली सरकार को खारिज करने का इतिहास रहा है. उन्‍होंने कहा, ‘अफगानिस्‍तान में किसी भी कठपुतली सरकार को जनता का समर्थन नहीं रहा है.’ इमरान ने कहा कि पाकिस्‍तान के पास यह खुफिया इनपुट था कि तालिबान पूरे अफगानिस्‍तान पर कब्‍जा नहीं कर पाएंगे और अमेरिका की वापसी के बाद रक्‍तपात होगा. अब दुनिया को तालिबान को और ज्‍यादा समय देना चाहिए ताकि एक वैधानिक सरकार का गठन किया जा सके और अपने वादों को वे पूरा करें.

तालिबान शासन में इमरान खान ने महिलाओं के अधिकारों के बारे में कहा क‍ि यह समझना गलती होगा कि कोई बाहर से आकर अफगान महिलाओं को उनके अधिकार दे देगा. अफगान महिलाएं एक धागे में पिरोई गई हैं और उन्‍हें समझ दीजिए. उन्‍हें उनका अधिकार मिलेगा.’ इमरान ने अपने पूरे इंटरव्‍यू के दौरान न केवल तालिबानी आतंकियों को बचाने का प्रयास किया बल्कि एक तरह से हक्‍कानी नेटवर्क को मुजाहिद्दीन बता दिया. बता दें कि हक्‍कानी नेटवर्क तालिबान सरकार में सबसे ताकतवर हो गया है. पाकिस्‍तान के इशारे पर 50 लाख डॉलर (Dollar) के इनामी आतंकी सिराजुद्दीन हक्कानी को अफगानिस्‍तान का गृहमंत्री बनाया गया है. सिराजुद्दीन उस हक्कानी नेटवर्क का मुखिया है, जिसने बीते 20 सालों में कई घातक हमलों को अंजाम दिया है. अफगानिस्तान में हक्कानी का यह कद भारत के लिए बड़ा सिरदर्द है.

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