Tuesday , 20 October 2020

नींद टूटने से झल्लाए सौतेले पिता ने मासूम बच्चे को लात-घूंसों से पीटा, 13 घंटे तड़पने के बाद मौत

टनकपुर . उत्तराखंड के टनकपुर में सामने आई इस दिल दहला देने वाली घटना को सुनकर हर कोई स्तब्ध है. नींद टूटने से झल्लाए एक व्यक्ति ने लात-घूंसों से बच्चे के पेट पर प्रहार किए. मां जब तक हस्तक्षेप करती तब तक बच्चे की चार पसलियां टूट चुकी थीं और खून मुंह से बाहर आ गया था. अंदरूनी चोट के कारण उसे बेहोशी आने लगी थी. इसके बाद भी उस दरिंदे का दिल नहीं पसीजा और वह घायल बच्चे को तड़पता छोड़कर घर से निकल गया.

पुलिस (Police) ने बताया कि यह घटना 29 अगस्त की सुबह करीब साढ़े चार बजे की है. सुबह होने के बाद वह तड़पते बच्चे को छोड़कर घर से निकल गया. शाम करीब छह बजे वह घर लौटा तो तब तक बच्चे की आंखें बंद हो चुकी थीं. पत्नी शबाना की जिद पर वह बच्चे को गोद में लेकर अस्पताल की ओर ले जा रहा था. रेलवे (Railway)क्रासिंग के पास पहुंचते-पहुंचते नरेश समझ चुका था कि सोनू अब जिंदा नहीं है.
इस पर वह बच्चे का शव शबाना को थमाकर मौके से भाग खड़ा हुआ. शबाना चिल्लाती रही कि ‘रोको-रोको हत्या (Murder) रा भाग रहा है’ पर वह हत्थे नहीं चढ़ा. अस्पताल में चिकित्सकों ने सोनू की मौत की पुष्टि कर दी. शक होने पर पुलिस (Police) ने नरेश को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ शुरू की तो हत्या (Murder) रोपी टूट गया और उसने सच्चाई उगल दी.

हत्या (Murder) रोपी पिता को पत्नी के पहले पति की संतानें शूल के समान चुभाती थीं. पहले पिता से रिश्ता टूटने के बाद दो मासूम बच्चों को फिर कभी भी पिता का प्यार नसीब नहीं हो पाया. पिता के समान ही बच्चों की परवरिश के वायदे कर मां के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रहा वह शख्स जल्लाद निकला. वह बच्चों को अपने रास्ते से हटाने की फिराक में रहता था. जांच में सामने आया है कि शारदा खनन क्षेत्र में छानने का काम करने वाला नरेश आए दिन शराब के नशे में धुत रहता था. कुछ दिन पूर्व ही उसने शराब पीकर घर में उत्पात मचाया था. साथ ही, मारपीट भी की थी. इसके चलते मकान मालिक ने नरेश से घर खाली करवा दिया था. तब से वह उसी वार्ड के किसी दूसरे घर में रहता था.
शबाना मूल रूप से यूपी के गाजीपुर की निवासी है. टनकपुर सीओ वीसी पंत के मुताबिक करीब दो साल पूर्व युवती से छेड़छाड़ के आरोप में यूपी पुलिस (Police) ने उसके पहले पति राजू मियां के खिलाफ 376 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था. तब से राजू मिया जेल में ही बंद है. उसके कुछ समय बाद शबाना पांच वर्षीय पुत्र शाहिल और दो साल के सोनू उर्फ बबुआ को लेकर टनकपुर आ गई.

उसकी मुलाकात यहां पीलीभीत निवासी नरेश से हुई थी. नरेश ने दोनों बच्चों को अपनाने और शबाना को शादी का आश्वासन दिया था. लेकिन बाद में नरेश उसके बच्चों पर जुल्म ढाने लगा था. इसकी जानकारी मिलने पर कुछ समय पूर्व ही राजू मियां का भाई आजाद टनकपुर पहुंचकर शबाना के बड़े बेटे शाहिल को अपने साथ ले गया था. (कानपुर) विकास दुबे केस में जैसे-जैसे होती गईं गिरफ्तारियां वैसे-वैसे बढ़ते गए नाम