Friday , 16 April 2021

दिसंवर माह के अंत में सर्दी ने दिखाएं तीखे तेवर

मैनपुरी डॉ0राकेश चन्द्रने बताया कि दिसंवर माह के अंत में पड़ रही वेइन्तहा सर्दी ने सभी को सोचने पर मजवूर कर दिया है. तापमान में लगातार ही गिरावट होती जा रही है. लोग केवल जरुरी काम से ही बाहर निकल रहे है. जब दोपहर के समय धूप निकलती है तब लोग अपने जरुरी काम निपटाने में लग जाते है. प्रमुख मार्गो पर भी सन्नाटा दिखाई देने लगा है. सर्दियों के मौसम में ठंड के बढ़ते ही सर्दी, खांसी, बुखार जैसी बीमारियों में बढ़ोतरी हो ही जाती है. इस सर्दी से वचाव के वारे में तथागत हेल्थ केयर सेन्टर गंगापुर के चिकित्सक डॉ. प्रमोद कुमार शाक्य वताते है कि इस मौसम में ठंड से बचने के लिए हम गरम कपड़े तो पहन लेते हैं.

मगर ठंड के असर से बचने के लिए शरीर का बाहर के साथ-साथ अंदर से भी गरम रहना भी जरूरी है. वह आगे वताते है कि इन बीमारियों से बचने के लिए कई घरेलू नुस्खे भी अपनाए जा सकते हैं. ठंड में लौंग, तुलसी, काली मिर्च और अदरक से बनी चाय खांसी, सर्दी, जुकाम के लिए रामबाण का काम करती है. इन बीमारियों का मुख्य कारण वायरस का बढ़ता प्रसार होता है. उन्होंने कहा कि जुकाम एक संक्रामक बीमारी है जो बहुत जल्दी बढ़ती है. यह बीमारी बहती नाक, बुखार, सूखी या गीली खांसी अपने साथ लाती है. जो श्वसन तंत्र पर अचानक हमला करता है.

उन्होंने कहा कॉमन कोल्ड में बच्चों और बुजुर्गो को विशेष ध्यान और सावधानी बरतनी चाहिए. सर्दियों में शहद का सेवन करने से शरीर को कई तरह की रोगों से दूर रखा जा सकता है. आयुर्वेद में शहद को अमृत माना गया है. सर्दी, जुकाम होने पर रात को सोने से पहले एक ग्लास गुनगुने दूध में एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से यह खत्म हो जाती है. वह वताते है कि सर्दी के दिनों में बाजरे की रोटी खाने का बहुत फायदा मिलता है. यह शरीर को तो गर्म रखता ही है. साथ में बाजरे की रोटी में प्रोटीन, विटामिन बी, कैल्शियम, फाइबर और एंटी ऑक्सीडेंट शरीर के लिए अच्छे होते हैं. ठंड से बचने के लिए बच्चों को भी बाजरे की रोटी खिलानी चाहिए.

 

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