चेचेरे भाई प्रिंस राज को रेप केस से बचाने में बढ़ी चिराग की मुश्किलें – Daily Kiran
Friday , 22 October 2021

चेचेरे भाई प्रिंस राज को रेप केस से बचाने में बढ़ी चिराग की मुश्किलें

नई दिल्ली (New Delhi) . रेप केस में लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) सांसद (Member of parliament) और चचेरे भाई प्रिंस राज पासवान के साथ आरोपी बनाए जाने पर सफाई देते हुए लोजपा नेता चिराग पासवान ने बुधवार (Wednesday) को कहा कि मैंने दोनो पक्षों की बात सुनी थीं और उन्हें पुलिस (Police) के पास जाने की सलाह दी थी. उन्होंने कहा कि मैं आज भी इसके पक्ष में हूं कि पीड़ित को न्याय मिले. चिराग ने कहा कि मैंने जनवरी में दोनों पक्षों को सुना, लेकिन कोई निर्णय लेने के लिए मैं जांच एजेंसी नहीं हूं. जो दोषी है उसे सजा मिलनी ही चाहिए. एफआईआर (First Information Report) में मेरा भी नाम आया है, जहां कहा गया है कि यह मामला मेरी जानकारी में था. मैं तो कह ही रहा हूं कि मेरी जानकारी में था. मैं पहला व्यक्ति हूं जिसने सुझाव दिया था कि उन्हें यह आपराधिक मामला है और उन्हें पुलिस (Police) के पास जाना चाहिए और घटना की रिपोर्ट करनी चाहिए और मामले की जांच की जानी चाहिए. मैं अब भी आरोपियों को न्याय के कटघरे में लाने के पक्ष में हूं. एफआईआर (First Information Report) में महिला ने कहा है कि होटल (Hotel) में रेप की बात मैंने चिराग पासवान को बताई थी, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया. चिराग पासवान को सबूत मिटाने का आरोपी बनाया गया है.

वहीं, लोजपा सांसद (Member of parliament) प्रिंस राज पासवान ने दुष्कर्म मामले में गिरफ्तारी बचने के लिए मंगलवार (Tuesday) को दिल्ली की एक अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की और आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता उनसे उगाही करने की कोशिश कर रही थी. प्रिंस राज की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत याचिका पर गुरुवार (Thursday) को विशेष न्यायाधीश (judge) एमके नागपाल की अदालत में सुनवाई होने की संभावना है. प्रिंस राज लोजपा संस्थापक दिवंगत रामविलास पासवान के भतीजे और चिराग पासवान के चचेर भाई हैं. वह इस समय बिहार (Bihar) के समस्तीपुर (samastipur) सीट से लोकसभा (Lok Sabha) सदस्य हैं. उन्होंने बताया कि पुलिस (Police) द्वारा अदालत के समक्ष पेश कार्रवाई रिपोर्ट में कहा गया कि महिला की शिकायत में कोई तथ्य नहीं मिला है और यह मामला उगाही का है. राणा ने दावा किया कि महिला और उसका दोस्त मामले का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहे थे और प्रिंस राज को धमकी देने और पैसे के लिए बातचीत रिकॉर्ड की थी. उन्होंने दावा किया कि महिला मई में पुलिस (Police) के समक्ष दर्ज कराई अपनी शिकायत की जांच में मदद करने के लिए पेश नहीं हुई. राणा ने कहा कि मेरे मुवक्किल ने पहले ही अपना मोबाइल फोन और अन्य सबूत पुलिस (Police) को सौंप दिए हैं और जांच एजेंसी की जांच में मदद कर रहे हैं.

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