गुजरात से हिमाचल-उत्तराखंड तक वर्षा व बाढ़ का कहर, कहीं जलभराव, कहीं लैंडस्लाइड तो कहीं यातायात ठप – Daily Kiran
Friday , 22 October 2021

गुजरात से हिमाचल-उत्तराखंड तक वर्षा व बाढ़ का कहर, कहीं जलभराव, कहीं लैंडस्लाइड तो कहीं यातायात ठप

नई दिल्ली (New Delhi) . गुजरात (Gujarat) के मैदानों से लेकर हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh)और उत्तराखंड के पहाड़ों तक पर मूसलाधार बारिश से बुरा हाल है. गुजरात (Gujarat) में सड़कों पर सैलाब का मंजर है, घर-मकान बाढ़ के पानी में डूब गए हैं. वहीं, उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से दर्जनों रास्ते और हाइवे बंद हो चुके हैं. गुजरात (Gujarat) में हो रही बारिश का सबसे ज्यादा असर सौराष्ट्र इलाके में है. जिसमें जामनगर, पोरबंदर, राजकोट (Rajkot) और जूनागढ़ जिले का हाल बेहाल है.

गुजरात (Gujarat) का सौराष्ट्र एक ऐसा इलाका है, जहां आमतौर पर कम बारिश होती है, लेकिन इस बार सितंबर माह में गुजरात (Gujarat) के सौराष्ट्र में रिकॉर्ड बारिश हुई है. सौराष्ट्र के जामनगर, जूनागढ़, पोरबंदर में बीते 2 दिन में इतनी बारिश हुई कि बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. गुजरात (Gujarat) में सितंबर के पहले 15 दिनों में पिछले महीने के मुकाबले तकरीबन 4 गुना (guna) बारिश हो चुकी है. मौसम विभाग के मुताबिक गुजरात (Gujarat) में पिछले महीने 65.3 मिली मीटर बारिश हुई थी जबकि सितंबर के आधे महीने में ही 219.2 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई है.

गुजरात (Gujarat) के जूनागढ़ में मूसलाधार बारिश से नदियों और नालों में उफान आ गया है. जूनागढ़ के हसनापुर, आनंदपुर, विलिंगडन, ओजात, व्रजमी, ध्राफद जैसे बड़े डैम ओवरफ्लो हैं. डैम से पानी छूटने पर नेशनल हाइवे पानी-पानी हो गया है. साथ ही कई गांवों में बाढ़ की स्थिति बन गई है. हाइवे पर पानी भर जाने की वजह से जूनागढ़ पोरबंदर और गिर सोमनाथ से जुड़ने वाले सभी नेशनल हाइवे और स्टेट हाइवे बंद कर दिए गए हैं. भारी बारिश के चलते गिरनार रोपवे भी बंध कर दिया गया है. गुजरात (Gujarat) के सौराष्ट्र में ये हालात आगे भी बने रह सकते हैं.

गुजरात (Gujarat) के नए मुख्यमंत्री (Chief Minister) भूपेंद्र पटेल राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों का खास नजर रख रहे हैं और उन्होंने अनेक इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया है. सीएम पटेल ने अधिकारियों से बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत कार्य तेज करने का निर्देश दिया. उत्तराखंड के भी अधिकतर इलाके भारी बारिश से बेहाल हैं. चमोली का पागल नाला एक बार फिर उफान पर है. वहीं, भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं. बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग 58 बंद कर दिया गया है. बारिश से राहत नहीं मिलने के कारण रास्ते से मलवा हटाने का काम भी ठीक से नहीं हो पा रहा है.

रुद्रप्रयाग में पिछले चार दिनों से लगातार बारिश हो रही है. केदारनाथ हाईवे से लेकर बद्रीनाथ हाइवे तक जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है. जिसकी वजह से हाइवे को बंद करना पड़ रहा है. इसके अलावा रुद्रप्रयाग के ग्रामीण इलाकों की सड़कों का भी बारिश और भूस्खलन से बुरा हाल है. सड़कों पर जगह-जगह मलबा आ गया है. पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh)भी लैंडस्लाइड की मार झेल रहा है. किन्नौर में पहाड़ से नेशनल हाइवे पर बड़ी चट्टानें टूटकर आ गिरी हैं. इसके बाद किन्नौर और स्पीति के लिए ट्रैफिक बंद किया गया. सड़कों पर मलबा आने की वजह से रास्ते बंद करने पड़े हैं.

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