Sunday , 25 October 2020

कोरोना के संक्रमण को रोकने में कितना कारगर रहा लकडाउन


नई दिल्ली (New Delhi) . इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने देशव्यापी कोरोना (Corona virus) सीरो सर्वे के दूसरे दौर की शुरुआत कर दी है. इसका मकसद यह जानना है कि लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान मई में आयोजित सर्वे के बाद से कितने अधिक भारतीय संक्रमण के संपर्क में आए हैं. इस बात की संभावना जताई जा रही है कि सितंबर के अंत तक दूसरे सीरे सर्वे के परिणाम सामने आएंगे.

इससे यह भी पता चलेगा कि कितने लोगों में कोरोना एंटीबॉडी मौजूद है. पहला सीरो सर्वे ने नैशनल सेंटर फॉर डिसीज़ कंट्रोल, राज्य के स्वास्थ्य विभागों और विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) के साथ मिलकर किया था. यह भारत में कोरोना के व्यापक प्रसार को दिखाया था. पहले सर्वे में शामिल किए गए 21 राज्यों में लगभग 69 जिलों से 24,000 के करीब सैंपल एकत्र किए जाएंगे और उनका परीक्षण किया जाएगा. इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कहा से दूसरा राष्ट्रीय सीरो सेर्वे करने जा रहा है. इसको लेकर काम प्रगति पर है.

उम्मीद है कि सितंबर के पहले सप्ताह तक इसे पूरा किया जाना चाहिए. अधिकांश सीरो सर्वे से एंटीबॉडी पता चलता. टी-सेल प्रतिक्रियाओं आदि का इन बड़े सीरो सर्वेों में अध्ययन नहीं किया जा रहा है. सीरो सर्वे के दौरान कोरोना (Corona virus) के खिलाफ इम्युनोग्लोबुलिन आईजीजी एंटीबॉडी की उपस्थिति की जांच के लिए खून के नमूनों का परीक्षण किया जाएगा. सीरो सर्वे यह निर्धारित करने के लिए भी महत्वपूर्ण है कि क्या रोग सामुदायिक संचरण चरण में प्रवेश कर चुका है.