Thursday , 15 April 2021

कोरोना के नए स्ट्रेन को अलग करने वाला दुनिया का पहला देश बना भारत!

– ब्रिटेन में सामने आए कोरोना के नए प्रकार (स्ट्रेन) का भारत ने सफलतापूर्वक कल्चर किया

लंदन . ब्रिटेन व अमेरिका में कोरोना के नए स्ट्रेन के बढ़ते कहर के बीच भारत ने वायरस के बदले रूप को लेकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. भारत को ब्रिटेन में पाए गए कोरोना के नए स्ट्रेन को अलग करने में बड़ी सफलता मिली है. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने इसकी जानकारी दी. इसके साथ भारत यह उपलब्धि हासिल करने वाला दुनिया का अकेला देश बन गया है. आईसीएमआर ने ट्वीट कर कहा कि ब्रिटेन में सामने आए कोरोना (Corona virus) के नए प्रकार (स्ट्रेन) का भारत ने सफलतापूर्वक कल्चर किया है. कल्चर एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके तहत कोशिकाओं को नियंत्रित परिस्थितियों के तहत उगाया जाता है और आमतौर पर उनके प्राकृतिक वातावरण के बाहर ऐसा किया जाता है. आईसीएमआर ने एक ट्वीट में दावा किया कि किसी भी देश ने ब्रिटेन में पाए गए सार्स-कोव-2 के नए प्रकार को अब तक सफलतापूर्वक पृथक या कल्चर नहीं किया है.

आईसीएमआर ने कहा कि वायरस के ब्रिटेन में सामने आए नए प्रकार को सभी स्वरूपों के साथ राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान में अब सफलतापूर्वक पृथक यानी अलग और कल्चर कर दिया गया है. इसके लिए नमूने ब्रिटेन से लौटे लोगों से एकत्र किए गए थे. बता दें कि ब्रिटेन ने हाल ही में घोषणा की थी कि वहां लोगों में वायरस का एक नया प्रकार पाया गया है जो 70 प्रतिशत तक अधिक संक्रामक है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ‎‎हाल ही में कहा था कि सार्स-कोव-2 के इस नए स्ट्रेन से भारत में अब तक कुल 29 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है.

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