केंद्र सरकार ने सादी खुर्द गांव का नाम बदलकर शाचीपुरम करने की दी मंजूरी – Daily Kiran
Wednesday , 20 October 2021

केंद्र सरकार ने सादी खुर्द गांव का नाम बदलकर शाचीपुरम करने की दी मंजूरी

नई दिल्ली (New Delhi) . उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में वाराणसी (Varanasi) के पास जौनपुर जिले में ‎स्थित गांव सादी खुर्द अब शा‎चिपुरम कहलाएगा. केंद्र सरकार (Central Government)ने इसका नाम बदलने की मंजूरी दे दी है. गृह मंत्रालय (Home Ministry) के अधिकारियों ने कहा कि उन्नाव के पास सादा परगना हसनगंज का नाम दामोदर नगर और मुरादाबाद (Moradabad) के पास ग्राम सरकड़ा खास का नाम बदलकर सारका बिश्नोई करने के यूपी सरकार के दो और प्रस्ताव विचाराधीन हैं. नाम बदलने का इस साल मार्च-अप्रैल में प्रस्ताव दिया गया था. 2022 के चुनावों से पहले, योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार और अधिक नाम बदलने का अनुरोध केंद्र से कर सकती है. यूपी सरकार के विचाराधीन प्रस्तावों में फिरोजाबाद जिले का नाम चंद्र नगर, संभल का नाम पृथ्वीराज नगर या कल्कि नगर, देवबंद का नाम देववरंद और सुल्तानपुर का नाम कुशभवनपुर रखना है. यूपी सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि प्रस्ताव को पहले राज्य सरकार (State government) द्वारा जांचा जाएगा और फिर अंतिम मंजूरी के लिए केंद्र को सिफारिश की जाएगी. यूपी के अलावा, गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने सतारा में न्हवी बीके का नाम बदलकर जयपुर (jaipur)करने के महाराष्ट्र (Maharashtra) सरकार के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी. गृह मंत्रालय (Home Ministry) के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा है ‎कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी), भारतीय भौगोलिक सर्वेक्षण (जीएसआई), डाक विभाग और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की फील्ड इकाइयों से रिपोर्ट मांगने के बाद अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी किया गया था.

मंत्रालय ने पहले ब्रिटिश युग के रेलवे (Railway)स्टेशन रॉबर्ट्सगैंग का नाम सोनभद्र, मथुरा (Mathura) के पास फराह टाउन रेलवे (Railway)स्टेशन, इलाहाबाद शहर को प्रयागराज (Prayagraj)और प्रतिष्ठित मुगलसराय जंक्शन का नाम भारतीय जनसंघ के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) के नाम पर रखने को मंजूरी दी थी. हालांकि, पश्चिम बंगाल (West Bengal) सरकार की राज्य का नाम बदलकर बांग्ला करने की मांग लंबे समय से लंबित है क्योंकि इसमें एक संवैधानिक संशोधन की आवश्यकता है. अधिकारियों के मुताबिक प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है. विदेश मंत्रालय ने पहले नए नाम पर अपनी आपत्ति जताते हुए कहा था कि यह पड़ोसी बांग्लादेश जैसा लगता है. रेलवे (Railway)स्टेशनों, गांवों, कस्बों और शहरों के नाम बदलने के लिए सरकारी दिशानिर्देशों के तहत, राज्य सरकार (State government) को केंद्रीय गृह मंत्रालय (Home Ministry) से एनओसी प्राप्त करना अनिवार्य है. एनओसी यह सुनिश्चित करती है कि जिले में रेलवे (Railway)स्टेशन, उच्च न्यायालय और विश्वविद्यालय सहित अन्य संस्थानों के नाम भी बदले जाएं.

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