Saturday , 15 May 2021

केंद्र और किसानों के बीच बातचीत आज, नए कानून वापस लेने की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी

नई दिल्ली (New Delhi) . केंद्र और आंदोलन कर रहे किसान संगठनों के बीच बुधवार (Wednesday) को फिर बातचीत होने वाली है. प्रदर्शनकर रहे किसान संगठनों ने कहा है कि चर्चा केवल तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के तौर-तरीकों एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने तक ही सीमित रहेगी.

इस बीच केंद्र सरकार (Central Government)और किसानों के बीच छठे दौर की वार्ता से एक दिन पहले केंद्रीय मंत्रियों नरेन्द्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल ने वरिष्ठ भाजपा नेता एवं गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की. सूत्रों ने बताया कि इस दौरान तीनों नेताओं ने बुधवार (Wednesday) को होने वाली बातचीत में सरकार के रुख पर चर्चा की. केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर, खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री गोयल और वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश किसानों के साथ वार्ता में केंद्र का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं.

तोमर ने एक माह से जारी गतिरोध जल्द दूर होने की उम्मीद जताई है.
केंद्र सरकार (Central Government)ने आंदोलनरत 40 किसान संगठनों को सभी प्रासंगिक मुद्दों का तार्किक हल खोजने के लिए 30 दिसंबर को अगले दौर की बातचीत के लिए आमंत्रित किया है, लेकिन किसान यूनियनों का प्रतिनिधित्व करने वाले संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र को लिखे पत्र अपने में कहा है कि तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के तौर-तरीकों एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने का मुद्दा वार्ता के एजेंडे का हिस्सा होना ही चाहिए. मोर्चा ने कहा कि बैठक के एजेंडे में एनसीआर एवं इससे सटे इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के संबंध में जारी अध्यादेश में संशोधन को भी शामिल किया जाना चाहिए, ताकि किसानों को दंडात्मक प्रावधानों से बाहर रखा जा सके. पत्र के जरिए मोर्चा ने वार्ता के लिए सरकार के आमंत्रण को औपचारिक रूप से स्वीकार किया है. पत्र में कहा गया है कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए बिजली संशोधन विधेयक 2020 को वापस लिए जाने का मुद्दा भी वार्ता के एजेंडे में शामिल होना चाहिए.

छठे दौर की वार्ता नौ दिसंबर को होनी थी, लेकिन इससे पहले गृहमंत्री शाह और किसान संगठनों के कुछ नेताओं के बीच अनौपचारिक बैठक में सहमति नहीं बन पाने की वजह से इसे रद्द कर दिया गया था. कृषि सचिव संजय अग्रवाल ने सोमवार (Monday) को किसान संगठनों को लिखे पत्र में, उन्हें राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में बुधवार (Wednesday) दोपहर दो बजे बातचीत के लिए आमंत्रित किया.

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