Tuesday , 28 January 2020
एनआरसी के मुद्दे पर केंद्र सरकार को समर्थन नहीं देंगे नीतीश

एनआरसी के मुद्दे पर केंद्र सरकार को समर्थन नहीं देंगे नीतीश


पटना . अपनी धर्मनिरपेक्ष छवि को भाजपा के साथ दोबारा जुड़कर पर्याप्त आघात पहुंचा चुके बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नागरिक संशोधन कानून पर पार्टी के समर्थन के के बाद एनआरसी के मुद्दे पर केंद्र सरकार को समर्थन न देकर डेमैज कण्ट्रोल करना चाहते हैं.

रविवार को नीतीश के क़रीबी और मंत्री अशोक चौधरी ने साफ़ किया कि फ़िलहाल बिहार में एनआरसी लागू नहीं किया जायेगा. नीतीश कुमार का ये क़दम नागरिक संशोधन क़ानून पर उनके पार्टी के समर्थन के स्टैंड के बाद पार्टी के अंदर और देश में हर जगह हो रहे विरोध के मद्देनज़र डैमेज कंट्रोल के रूप में देखा जा रहा है. नीतीश ने यूं तो नागरिक संशोधन बिल पर भी विरोध का स्टैंड लिया था लेकिन लोकसभा में पार्टी के नेता ललन सिंह ने उतर पूर्व राज्यों के इकाई के नेताओं से बातचीत कर समर्थन का स्टैंड लिया था. फ़िलहाल ये क़ानून बन चुका है.

हालांकि पार्टी में इस मुद्दे पर दोफाड़ को देखते हुए ख़ुद नीतीश कुमार ने स्थिति की गंभीरता के मद्देनज़र जहां इस मुद्दे पर पार्टी के स्टैंड की आलोचना कर रहे पवन वर्मा जैसे नेताओं से ख़ुद बातचीत की वहीं प्रशांत किशोर से मुलाक़ात कर न केवल पहले उनके इस्तीफ़े को अस्वीकार किया बल्कि साथ ही कहा कि एनआरसी के मुद्दे पर वो अपने पुराने स्टैंड पर क़ायम हैं और पार्टी इसका विरोध करेगी.