Saturday , 15 May 2021

अवैध धान खरीदी केंद्र चला रहे थे, हुई एफआईआर

भोपाल (Bhopal) . प्रदेश के जबलपुर (Jabalpur)‎जिले में अवैध धान खरीदी केंद्र का संचालन कर ‎किसानों का शोषण करने वालों के खिलाफ एफआइआर दर्ज हो गई है. इतना ही नहीं, समिति प्रबंधक, लिपिक और कम्प्यूटर ऑपरेटर तीनों को संस्पेंड भी कर दिया गया है. यह मामला जबलपुर (Jabalpur)के पाटन तहसील के सिमरा गांव का है. यहां पर अवैध रूप से धान उपार्जन केंद्र का संचालन करने के मामले में वृहत्ताकार सेवा सहकारी समिति नुनसर के प्रबंधक, लिपिक और कम्प्यूटर ऑपरेटर के विरुद्ध पाटन थाने में मंगलवार (Tuesday) को एफआईआर (First Information Report) दर्ज कराई गई. तीनों आरोपितों को निलंबित कर दिया गया है. इधर, गणपति वेयर हाउस के संचालक के खिलाफ एफआइआर दर्ज न कराए जाने से राजस्व अधिकारियों में तरह-तरह की चर्चा हो रही है. क्योंकि अवैध खरीदी केंद्र इसी वेयर हाउस में चलाया जा रहा था. अवैध रूप से धान की खरीदी कर उसका भंडारण भी वेयर हाउस में करने के प्रमाण मिले थे.

जानकारी के मुताबिक प्रशासन की टीम ने 29 दिसंबर को सिमरा स्थित गणपति वेयर हाउस में दबिश दी थी. जहां अवैध रूप से धान खरीदी केंद्र का संचालन किया जा रहा था. मौके से 26 हजार क्विंटल धान जब्त की गई थी. प्रशासन की जांच में यह जानकारी सामने आई कि गणपति वेयर हाउस में खरीदी केंद्र खोलने की अनुमति जारी नहीं की गई थी. बावजूद इसके प्रबंधक, वेयर हाउस संचालक व अन्य कर्मचारियों की मिलीभगत से किसानों से धान की खरीदी की जा रही थी. समिति प्रबंधक गंधर्व सिंह, कम्प्यूटर ऑपरेटर प्रयाग पांडे एवं लिपिक राहुल दीक्षित के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई गई है. विदित हो कि इसी खरीदी केंद्र में दमोह के व्यापारी ने धान बेचने के लिए भेजा था. प्रशासन की जांच में यह जानकारी सामने आई है कि अवैध खरीदी केंद्र से बारदाने भी अवैध तरीके से बांटे गए थे. इतना ही नहीं कई किसानों से धान खरीद ली गई और उन्हें अब तक भुगतान नहीं मिला है. अवैध खरीदी केंद्र में खरीदी गई धान को वेयर हाउस के जरिए खपाने की कोशिश की जा रही थी. इस मामले में गणपति वेयर हाउस के संचालक के खिलाफ एफआइआर दर्ज न कराए जाने को लेकर भी दबी जुबान में कई तरह की बातें हो रही है.

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