Saturday , 19 June 2021

अपने जीवन में हम सब हैं सुपरस्टार्स : डॉ. अग्रवाल

उदयपुर (Udaipur) रोटरी के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर-3054 डॉ. राजेश अग्रवाल कहा कि अपनी लीडरशिप को हमेशा रोटेट करते रहिये ताकि आपके साथ ही दूसरों को भी सीखने का अवसर मिल सके. इससे आपको डायवर्सिटी में जीने का मौका मिलेगा. डायवर्सिटी ही रोटरी क्लब की ब्यूटी है. जो आपके अलाइनमेंट में नहीं है, उसको भी अवसर दीजिए. इंसान में बहुत ज्यादा पोटेंशियल होता है, उसे अपनी शक्तियों को पहचान कर दूसरों को लीड करने का चांस मिस नहीं करना चाहिए. अपाच्र्यूनिटी से भागें नहीं, स्वीकार करें, यह मत भूलिये कि हम सब सुरपस्टार्स हैं. उन्होंने रोटरी-एन अमेजिंग वर्ल्‍डप्रजेंटेशन के माध्यम से रोटरी के विभिन्न सेवा कार्यों के बारे में विस्तार से बताया.

यह विचार उन्होंने रविवार (Sunday) को रोटरी क्लब ऑफ उदयपुर (Udaipur) मीरा की ओर से रोटरी डिस्ट्रिक्ट-3054 के तत्वावधान में उदयपुर (Udaipur) के लाभगढ़ पैलेस रिसोर्ट में रविवार (Sunday) को संपन्न हुई दो दिवसीय ‘संगिनी-कॉन्फेंस फ़ॉर वीमेन’ के समापन समारोह में व्यक्त किए. प्रवक्ता सुषमा कुमावत ने बताया कि संगीनी कॉन्फ्रेंस में दो दिन तक महिला सशक्तीकरण की विभिन्न थीम्स पर कई ज्ञानवर्धक आयोजन हुए. संगीनी कार्यक्रम की चेयरमैन मधु सरीन, आयोजन सचिव प्रीति सोगाणी, रोटरी क्लब मीरा की अध्यक्षा विजयलक्ष्मी गलुण्डिया, सचिव संगीता मूंदरा की विशेष उपस्थिति में आयोजन हुआ. प्रीति सोगाणी ने बताया कि रोटरी क्लब ऑफ उदयपुर (Udaipur) मीरा क्लब का सेवा कार्य से जुड़ा क्लब का दुनिया का सबसे बड़ा महिला संगठन है. मधु सरीन ने बताया कि इंटरेक्टिव सेशंस में प्रतिभागियों ने मोटीवेशनल स्पीकर्स से मन की बातें शेयर कीं तथा बदले में उन्हें कई बेहतरीन, जीवनउपयोगी सुझाव मिले. सोनल पटेल ने अपने एक्सीरियंस शेयर किए तो क्लब अध्यक्षा विजयलक्ष्मी गलुंडिया धन्यवाद ज्ञापित किया जबकि आभार वंदना अग्रवाल ने जताया. शाम को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने रंग जमाया. इस अवसर पर विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई.

अपना रिमोट कंट्रोल किसी और के हाथ में मत दीजिए : आसमानी सुर्वे

अंतर्राष्ट्रीय इम्पीरिकल कोच और मैनेजमेंट ट्रेनर आसमानी सुर्वे ने कहा कि अपने इमोशन को मैनेज करना सीखिये. जिंदगी में कुछ चीजें जैसी हैं, वैसी ही उन्हें स्वीकार करना सीखिये. परिस्थितियों से हारें या घबराएं नहीं, उनका डटकर मुकाबला करें, खुद को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है, इस पर फोकस करें. अपना रिमोट कंट्रोल किसी और के हाथ में मत दीजिए, अपनी तकदीर खुद लिखिये.

अपनी हिचक मिटाइये और श्रेष्ठतम रूप सामने लाइये : डॉ. अनुराधा

‘बी ए लीडर सेशन’ में अंतर्राष्ट्रीय मोटीवेशनल स्पीकर डॉ. अनुराधा टोते ने प्रतिभागी महिलाओं से कहा कि सभी गुण आपमें समाहित हैं. बस उन्हें सही रूप में बाहर लाइये. अपनी हिचक को मिटाइये, अपना श्रेष्ठ और उसके बाद सर्वश्रेष्ठ रूप सामने लाकर निरंतर सफलता प्राप्त कीजिए. महिलाएं ज्यादा अच्छी लीडर्स होती हैं क्योंकि वे अपने कार्यक्षेत्र में पुरुषों से ज्यादा फ्लेक्सिबल होती हैं. ज्यादा को-ऑपरेटिव होती और फोकस्ड होती हैं. उन्होंने गर्म पानी चेलेंज का उदाहरण देते हुए कहा कि टी-बैग अकेला कुछ नहीं कर सकता. उसके लिए पानी गर्म होना चाहिए और टी-बैग के अंदर के सभी तत्व सही अनुपात में होने चाहिए, तभी शानदार चाय बनेगी. टी बैग में भी एडजेस्ट करने वाले छिद्र होने चाहिए चाय की योग्यता बाहर आ सकी. इसी प्रकार हमारा जीवन होना चाहिए. जब भी कोई अच्छी अपोच्र्यूनिटी मिले, हमें अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचान कर उनका भरपूर उपयोग करते हुए उसे हाथ से जाने नहीं देना चाहिए.  असमानी सुर्वे ने दूसरे सत्र में ‘वर्कलाइफ बैलेंस’ पर मोटीवेशनल स्पीच देते हुए महिलाओं को अपनी वर्कलाइफ को बैलेंस करने के कई मंत्र दिए. उन्होंने कहा कि घर और बाहर की जिम्मेदारियों को निभाते हुए कई बार हम मानसिक रूप से मुश्किलों में पड़ जाते हैं कि आगे कैसे बढ़ें. ऐसे में आप दोनों पर फोकस करें. परिवार वालों से लगातार बातचीत करते हुए व उन्हें विश्वास में लेते हुए समस्याओं के हल निकालें. जो जैसा है उसको वैसा ही स्वीकार करना सीखें.

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