Friday , 14 May 2021

उद्देश्य की प्राप्ति के लिये ध्यान और आस्था के साथ कार्य करें – एलक विवेकानन्द सागर महाराज

भोपाल (Bhopal) . जो अतीत भूल जाता है वह भविष्य का निर्माण नहीं कर सकता हर व्यक्ति अपने क्षेत्र में सफल होना चाहता है पर सफलता का मूल मंत्र हम ध्यान और आस्था के साथ कार्य करते हुए कभी अपने अतीत को नहीं भूलें यह उद्गार जवाहर चैक जैन मन्दिर में एलक विवेकानन्द सागर महाराज ने व्यक्त करते हुए कहा कि परमार्थ को महत्व देने वाला श्रावक पुण्य का संचय करता है प्रत्येक मनुष्य अपने-अपने तौर तरीके से जीवन जी रहा है और इच्छापूर्ति की चाहत सभी की है, जीवन जीना महत्वपूर्ण नहीं है महत्वपूर्ण यह है हम जीवन कैसे जी रहे हैं हमारा लक्ष्य क्या है एलक ने कहा कि स्व के लिये तो सभी जीवन जी रहे हैं पर पमरार्थ के लिये जगत कल्याण की भावना के साथ सहयोग की भावना अपनाकर जो जीवन में कार्य कर रहे हैं वह निश्चित रूप से आत्मिक सुख की प्राप्ति कर रहे हैं. स्वयं की पीढ़ा में तो सभी दुखी हैं पर दूसरों की पीढ़ा में जो दुखी होता है वही संवेदनशील होता है स्वयं की पीढ़ा में आंसू बहाना वेदना है और दूसरों की पीढ़ा में आंसू बहाना संवेदना है अपने अंदर की संवेदना की कसौटी का पता दूसरे की दुख तकलीफों को देखकर पता चलता है. सदैव पुण्यात्मक क्रियायें करने के भाव रखो. पुण्य को त्यागोगे तो पुण्य साथ चलेगा पुण्य तुम्हारे पीछे भागेगा पुण्य भोगोगे तो अभिमान होगा और पुण्य को त्यागने से जीवन में समरसता सरलता और पवित्रता आयेगी जीवन को पवित्र बनाओ जीवन को पवित्र बनाना ही सबसे बड़ी उपलब्धि है. इसके पूर्व मुनिसंघ के सानिध्य में भगवान पाश्र्वनाथ का कलषाभिषेक एवं जन प्रतिमाओं पर मंत्रोच्चारित शांति धारा के साथ देवशास्त्र गुरु की पूजा अर्चना की गई.

जवाहर चौक जिनालय में रविवार (Sunday) को आचार्य परमेष्ठी महा आराधना

दिगम्बर जैन पंचायत कमेटी ट्रस्ट के मीडिया (Media) प्रभारी अंशुल जैन ने बताया कि रविवार (Sunday) 17 जनवरी को आचार्य विद्यासागर महाराज के शिष्य मुनि अजित सागर महाराज, एलक दया सागर महाराज एवं ऐलक विवेकानन्द सागर महाराज के सानिध्य में प्रातः 7.00 बजे से आचार्य परमेष्ठी की महाअर्चना विधान के माध्यम से होगी. आचार्य विद्या सागर महाराज की अनंत गुणों की वंदना करते हुए श्रद्धालु आचार्य छत्तीसी विधान के अघ्र्य समर्पित करेंगे राजधानी के जिन मंदिरों में हो रहे धार्मिक अनुष्ठानों के तहत इसी श्रृंखला में टी.टी. नगर जैन मन्दिर में तीन दिवसीय आयोजन के दौरान रविवार (Sunday) को सुबह से चौबीस घण्टे का अखण्ड भक्तांमर का वाचन होगा और मुनिसंघ के सानिध्य में दो दिवसीय भक्तांमर एवं शांति महा आराधना महोत्सव 18 एवं 19 जनवरी को होगा.

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