Friday , 14 May 2021

सारणी रेंज की हर बीट में हड़पी गई मजदूरी, फर्जी खातों में डाली राशि..

बैतूल /नवल-वर्मा. उत्तर वन मण्डल की सारणी रेंज की हर बीट में गरीब मजदूरों के शोषण के साथ-साथ वास्तविक मजदूर को भुगतान न कर राशि अन्य बोगस खातों में डाले जाने की कहानियां सुनाई दे रही हैं. इस तरह की शिकायतें वरिष्ठ अधिकारियों को होने के बाद भी न वास्तविक मजदूरों को भुगतान मिला और न ही किसी तरह की कोई जांच हुई. इस रेंज में 28 बीट हैं और हर बीट से यही सब सामने आ रहा है यदि उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए तो रेंजर से लेकर बीट गार्ड तक अमानत में खयानत के आरोपी साबित होंगे. मजदूरों के खाते में 1500 से 2000 तक यह भुगतान होता है. यह भुगतान भी कलेक्ट्रेट रेट पर नहीं होता. एक एक्टिविस्ट अनिल का दावा है कि 2016 एवं 2017 में 16 ग़ांव के लोग का भुगतान नहीं कर बोगस खातों में राशि डाली गई. उन्होने प्रमाण के साथ शिकायत भी की पर कुछ हुआ नहीं. वे पुनः शिकायत करने की तैयारी कर रहे.

-बेलोण्ड से समझे कैसे हजम करते हैं मजदूरी…

बेलोण्ड में 70 लोगों ने कार्य किया है किंतु उसमें से 10 ऐसे खाते हैं इसमें 1500 रुपये से 2000 रुपये के बीच भुगतान हुआ है और बाकी भुगतान की सीमा नहीं की जा रही है कि उनको भुगतान कब होगा. मिली जानकारी के अनुसार इन मजदूरों के खातों में 1500 और 2000 रुपये आए हैं. उन्होंने बताया कि हमने 18 दिन कार्य किया है और प्रतिदिन का 190 रूपये भुगतान होता है इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि वनविभाग के कर्मचारी से लेकर अधिकारी की साँठ-गाँठ से मजदूरों का शोषण हो रहा है. अनिल ने बताया कि वह 2016 और 17 के मामले को जिसमें 16 गांव के लोगों का भुगतान नहीं हुआ था और फर्जी खाते में भुगतान हुआ था वहां उसके पास संपूर्ण रुप से दस्तावेज हैं और उन लोगों को वहां जानता है जिनके खातों में भुगतान हुआ है ऐसे मामले को लेकर वहां एक बार पुनः बैतूल उत्तर वन मंडल डीएफओ उत्तर वनमंडल अधिकारी से लिखित शिकायत कर कार्रवाई की मांग करेंगे और कार्यवाही ना होने पर वह न्याय के लिए न्यायालय की शरण में जाएंगे.

– 1 बीट मे 10 तो 28 बीट में कितने…

डागवा बीट में मजदूरों के खातों और भुगतान को देखते हुए अनुमान लगाया जा सकता है कि वन विभाग कैसे हेराफेरी कर सकता है सूत्रों की माने तो अगर 1 बीट में दस मजदूरों के खातों मे भुगतान नहीं होता तो उत्तर वन मंडल मे 28 बीट है तो सभी 28 बीटों मे 280 मजदूरों का भुगतान फर्जी खातों मे होता है जो कि 1170400 रुपये का भुगतान फर्जी हुआ होगा. कुछ लोगों का भुगतान ना होना वन विभाग की लापरवाही और फर्जी खातों में राशि हस्तांतरण कर निकालने का खुलासा कर रहा है. जिसकी भी जिम्मेदार अधिकारी से जाँच कराने पर पूरी तरह से खुलासा हो सकता है.

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