Friday , 27 November 2020

वाहन एवं कलपुर्जा उद्योग को आयात के स्थान पर कोई स्थानीय विकल्प तैयार करना चाहिए : गडकरी

नई दिल्ली (New Delhi) . पीएम के आत्मनिर्भर भारत पहल के हिमायती केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश के वाहन एवं कलपुर्जा उद्योग से आयात पर अपनी निर्भरता समाप्त करने को कहा है. भारतीय वाहन कलपुर्जा विनिर्माता संघ (एसीएमए) के वार्षिक सत्र को शनिवार (Saturday) को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि वाहन एवं कलपुर्जा उद्योग को आयात के स्थान पर कोई स्थानीय विकल्प तैयार करना चाहिए. गडकरी ने कहा कि देश के वाहन क्षेत्र में दुनिया का शीर्ष विनिर्माण केंद्र बनने की क्षमता है. उन्होंने कहा कि सरकार (Government) ने भारतीय कंपनियों द्वारा निर्यात को प्रोत्साहन के लिए कई कदम उठाए हैं. गडकरी ने कहा कि कलपुर्जा उद्योग पास एमएसएमई की परिभाषा में बदलाव जैसे उपायों का लाभ लेने का अवसर है. उन्होंने कहा, ‘मैं आपसे आग्रह करूंगा कि आयात को प्रोत्साहन नहीं दें.

इसका विकल्प ढूंढने का प्रयास करें.’ उन्होंने कहा कि शुरुआत में हो सकता है कि इन उत्पादों को भारत में बनाने से आपका मुनाफा कम रहे, लेकिन जब मात्रा बढ़ेगी तो आप निर्यात की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण कंपनी बन सकते हैं. मुझे आप पर 100 फीसदी भरोसा है.’ गडकरी के पास सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रम (एमएसएमई) मंत्रालय का भी प्रभार है. उन्होंने कलपुर्जा क्षेत्र से कहा कि वे उत्पादन, प्रौद्योगिकी और गुणवत्ता में सुधार करें और देश के लागत की दृष्टि से प्रतिस्पर्धी क्षमबल का लाभ उठाएं. उन्होंने कहा कि इससे वे वैश्विक क्षेत्र में ताकत बन सकेंगे और देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में अधिक योगदान दे सकेंगे. उन्होंने क्षेत्र के प्रति भरोसा जताते हुए कहा, ‘हम भारतीय वाहन उद्योग को पांच साल में दुनिया का नंबर एक विनिर्माण केंद्र बना सकते हैं.’