Friday , 14 May 2021

वैक्सीनेशन : इन तमाम बातों का ख्याल जरूरी

नई दिल्‍ली . देश में आज से कोरोना टीकाकरण शुरू हो रहा है. टीकाकरण के पूरे अभियान को को-विन ऐप के जरिए मैनेज किया जाएगा. सरकार ने टीकाकरण के साथ ही यह भी साफ कर दिया है कि यह टीका किसे दिया जा सकता है, किसे नहीं. अगर वैक्सीनेशन के लिए आपका नंबर आता है तो कई बातों का ख्याल रखना जरूरी है.

vaccination-drive

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इमरजेंसी (Emergency) इस्तेमाल के लिए मंजूर की गईं दोनों वैक्सीन सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को 18 साल या उससे ज्यादा के लोगों को ही लगाया जाएगी. गर्भवती और बच्चे को दूध पिलाने वाली महिलाओं को भी वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी, क्योंकि इन पर वैक्सीन का परीक्षण नहीं हुआ है.

कोरोना के लक्षणों वाले शख्स को भी वैक्सीन नहीं दी जाएगी. जो लोग कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके हों, या जिन्हें प्लाज्मा थेरेपी दी गई हो, उन्हें भी ठीक होने के बाद चार से आठ हफ्ते तक टीका नहीं लगाया जाएगा. जिन लोगों की ब्लीडिंग की हिस्ट्री हो, उन्हें जरूरी ऐहतियात के साथ वैक्सीन देनी होगी. दिल, किडनी रोगियों या अन्य गंभीर बीमारियों के शिकार लोगों को भी वैक्सीन दी जा सकेगी. इसे एड्स रोगियों को भी दिया जा सकता है.

इन बातों का रखना होगा ख्याल

सूचना के अनुसार जो समय दिया गया है, उस समय पर सेंटर पहुंचें
रजिस्ट्रेशन के दौरान जो आईडी कार्ड दिया था, वही आईडी कार्ड लेकर सेंटर पर जाएं
वैक्सीनेशन के बाद 30 मिनट तक ऑब्जर्वेशन के लिए रुकें
घर जाने के बाद अगर कोई दिक्कत होती है तो 1075 हेल्पलाइन नंबर पर फोन करें
घर जाने पर अगर कोई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है, तो आप किसी भी प्राइवेट या सरकारी अस्पताल में जा सकते हैं, वहां पर आपका इलाज होगा
दिल्ली सरकार ने ऑर्डर जारी कर वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स वाले लोगों को तुरंत इलाज देने को कहा है, ऐसा नहीं करने पर अस्पताल के खिलाफ एक्शन होगा

वैक्सीनेशन के बाद भी यह जरूरी

पहले की तरह मास्क पहनें
लोगों से सोशल दूरी बना कर रहें
नियमित रूप से हाथ धोएं और पहले की तरह सभी तरह के बचाव पर अमल करें
वैक्सीन की दूसरी डोज जरूर लें
दोनों डोज लेने के 14 दिन में ही पर्याप्त एंटीबॉडी बनेंगी

इस वैक्सीन के दो डोज होंगे. दूसरा डोज पहले डोस के 24 दिन बाद दिया जाएगा. दूसरे डोस के तीन से साढ़े तीन हफ्ते के एंटीबॉडी बनना शुरू होगी.
अभी तक की रिसर्च में दोनों वैक्सीन का ट्रायल 18 साल से ऊपर की उम्र के लोगों पर हुआ है, इसलिए यह वैक्सीनेशन केवल 18 साल से ऊपर वालों के लिए ही है. इसी प्रकार वैक्सीन के इस ट्रायल में गर्भवती महिलाओं को शामिल नहीं किया गया था, इसलिए वैक्सीन भी गर्भवती महिलाओं के लिए नहीं है. आने वाले दिनों में इन दोनों कैटिगरी को भी शामिल किया जा सकता है, लेकिन फिलहाल वैक्सीन इन दोनों के लिए नहीं है.

वैक्सीनेशन में प्राथमिकता

पहले हेल्थ केयर वर्कर और फ्रंटलाइन वर्कर को प्राथमिकता दी जाएगी
50 साल से ऊपर के लोग जो डायबिटीज, बीपी या अन्य किसी बीमारी के शिकार हैं

क्या ट्रायल में दिखा कोई साइड इफेक्ट

किसी भी वैक्सीन के मुख्यतः चार अहम चरण होते हैं. जिनमे सबसे पहले वैक्सीन का जानवरों पर प्रयोग किया जाता है. इसके बाद दूसरे चरण में कुछ लोगों पर और तीसरे चरण में इसको कुछ हजार लोगों पर प्रयोग किया जाता है. इसके बाद ही किसी वैक्सीन को स्वीकृति प्रदान की जाति है. देश में जिन दो वैक्सीन को मंजूरी मिली है, वह दूसरे और तीसरे चरण में सुरक्षित पाई गई हैं. इस दौरान कोई भी खतरनाक या जानलेवा साइड इफेक्ट देखने को नहीं मिली हैं.

वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स

शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक कुछ मरीजों में सिर दर्द, कुछ मरीजों में डिजीनेस और कुछ में उल्टी होने जैसी चीजें देखी गई हैं. इसके अलावा वैक्सीन लगने की जगह पर दर्द होना, सूजन होना और हल्का बुखार होना जैसे इफेक्ट्स हो सकते हैं. यदि इस वैक्सीन से कोई साइड इफेक्ट नजर भी आता है तो वो कुछ मिनट या कुछ घंटों के लिए ही होगा. हालांकि अब तक इस तरह के बहुत ज्यादा साइड इफेक्ट सामने नहीं आए हैं जिससे घबराने की जरूरत हो.

किस तरह काम करेगी वैक्सीन

वैक्सीन के अंदर किसी भी प्रकार का लाइव वायरस नहीं है जो शरीर को कोरोना से संक्रमित कर सके. वैक्सीन हमारे शरीर में प्रोटीन को जन्म देता है जो वायरस को खत्म करने में मदद करते हैं. इससे सिरदर्द जैसी दिक्कत कुछ समय के लिए हो सकती है लेकिन ऐसा तब होता है जब हमारा शरीर वायरस से लड़ने के लिए इम्युनिटी को विकसित कर रहा होता है. यह किसी तरह के साइड इफेक्ट की वजह से नहीं होता है.

किन बातों का ख्याल रखें

वैक्सीन लगाने के दिन से 48 घंटे पहले और वैक्सीन लगने के 48 घंटे बाद तक अल्कोहॉल या अन्य नशीले पदार्थ का सेवन ना करे क्योंकि इससे बॉडी के इम्यून रिस्पॉन्स में रुकावट आ सकती है. यदि वैक्सीनेशन के बाद किसी भी तरह की परेशानी होती है तो डॉक्टर (doctor) की सलाह जरूर लें.

मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग से छुटकारा नहीं

बिलकुल नहीं क्योंकि कोई भी वैक्सीन 100 प्रतिशत प्रोटेक्शन नहीं देगी. वैक्सीन के दूसरे डोज के बाद भी मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग रखना जरूरी होगा क्योंकि वैक्सीन वायरस इंफेक्शन को नहीं रोकती है. वैक्सीन वायरस से होने वाले गंभीर प्रभावों और अस्पताल में भर्ती होने की सम्भावनाओं को कम करती है. ऐसे में जिन्हें वैक्सीन का पूरा डोज लगा होगा, वह भी कोविड के शिकार हो सकते हैं. हालांकि उनमें लक्षण साधारण होंगे.

कोविड कब खत्म होगा

जब देश में 70 प्रतिशत से ज्यादा लोगों में एंटीबॉडी बन जाएगी, तब वायरस को जिंदा रहने के लिए कोई शरीर न मिलने पर उसका स्प्रेड रुक जाएगा. इसे हर्ड इम्यूनिटी कहते हैं. हर्ड इम्यूनिटी बनने के बाद ही इस वायरस से आजादी मिल सकती है.


News 2021

Please share this news