Friday , 14 May 2021

 23 और 24 को सिंघु बॉर्डर पर लगेगी किसान संसद, 26 को ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा

नई दिल्ली (New Delhi) . कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन के 55वेंं दिन मंगलवार (Tuesday) को किसानों ने 23-24 जनवरी को किसान संसद का आयोजन करने का ऐलान किया. यह आयोजन सिंघु बॉर्डर के पास गुरु तेग बहादुर मेमोरियल में किया जाएगा. इसमें आंदोलन से जुड़े सभी मुद्दों के अलावा मिनिमम सपोर्ट प्राइज पर भी बात होगी. सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) के कुछ रिटायर्ड जज, कुछ पूर्व सांसद, पत्रकार पी साईंनाथ, सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर, सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण इसमें शामिल होंगे.

इस बीच, किसानों ने 26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च निकालने को लेकर दिल्ली पुलिस (Police) के साथ मीटिंग की. किसानों ने साफ कहा कि वे तय शेड्यूल के मुताबिक दिल्ली में ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे. क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने कहा कि हमने अधिकारियों को भरोसा दिया है कि ट्रैक्टर मार्च शांतिपूर्ण होगा. पुलिस (Police) ने कहा कि वे इस बारे में विचार करेंगे और इस मुद्दे पर अगले एक-दो दिन में अगली मीटिंग हो सकती है.

अन्ना 30 से दिल्ली में अनशन करेंगे

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने 30 जनवरी से किसानों के समर्थन में रामलीला मैदान में अनशन शुरू करने का ऐलान किया है. केंद्र सरकार (Central Government)के निर्देश पर भाजपा की राज्य इकाई ने पूर्व कृषि मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल को अन्ना को मनाने का जिम्मा सौंपा है. विखे पाटिल का प्रभाव क्षेत्र महाराष्ट्र (Maharashtra) के अहमदनगर का वह इलाका माना जाता है, जहां अन्ना का गांव रालेगण सिद्धि है.

सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में आज सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने सोमवार (Monday) को कहा था कि दिल्ली में किसानों को एंट्री दी जाएगी या नहीं, यह पुलिस (Police) तय करेगी. क्योंकि, यह कानून-व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा है. इस मामले में बुधवार (Wednesday) को सुनवाई होगी.

किसानों की सरकार से भी आज बातचीत

किसानों और सरकार के बीच 11वें दौर की बातचीत बुधवार (Wednesday) को की जाएगी. इससे पहले 10 दौर की बैठकों में से 9 बेनतीजा रही थीं.

सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) की कमेटी से नहीं मिलेंगे किसान

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मंगलवार (Tuesday) को कहा कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने जो कमेटी बनाई है, उसकी मीटिंग में नहीं जाएंगे. कोई आंदोलनकारी कोर्ट नहीं गया था. सरकार ने अध्यादेश के जरिए संसद में बिल पेश किया था, यह उसी रास्ते वापस होगा. सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) की बनाई कमेटी के सदस्यों ने मंगलवार (Tuesday) को पहली मीटिंग की. इसमें किसानों से बातचीत के लिए 21 जनवरी की तारीख तय की गई.

Please share this news