Friday , 22 January 2021

साल का आखिरी चंद्र ग्रहण आज, भारत में नहीं दिखेगा, इसमें सूतक मान्य नहीं


नई दिल्ली (New Delhi) . साल 2020 का आखिरी चंद्र ग्रहण सोमवार (Monday) , 30 नवंबर को लगेगा. यह एक उपछाया चंद्र ग्रहण होगा. ज्योतिषविदों के मुताबिक, यह ग्रहण वृषभ राशि और रोहिणी नक्षत्र में लगेगा. हालांकि यह ग्रहण भारत वर्ष में दृश्य नहीं होगा. इसका प्रभाव लगभग 15 दिसंबर तक बना रहेगा.

यह ग्रहण चंद्रमा का उपछाया ग्रहण है, इसलिए इसमें सूतक काल मान्य नहीं होगा. सूतक काल चंद्र ग्रहण के लगने से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है. बिना सूतक वाले ग्रहण काल का प्रभाव ज्यादा नहीं होता है. चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले लगने वाले सूतक काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं. सूतक काल में पूजा-पाठ भी नहीं की जाती है. इस दौरान मंदिर के कपाट भी बंद रहते हैं. कहते हैं कि गर्भवती महिलाओं को सूतक काल में छोंक, तड़का, धारदार और नुकीली वस्तुओं से दूर रहना चाहिए. सूर्य ग्रहण में सूतक काल 12 घंटे का होता है.

चंद्र ग्रहण के शुरू होने से पहले चंद्रमा धरती की उपछाया में प्रवेश करता है. जब चंद्रमा पृथ्वी की वास्तविक छाया में प्रवेश किए बिना ही बाहर निकल आता है तो उसे उपछाया ग्रहण कहते हैं. चंद्रमा जब धरती की वास्तविक छाया में प्रवेश करता है, तभी उसे पूर्ण रूप से चंद्रग्रहण माना जाता है. चंद्र ग्रहण यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, नॉर्थ अमेरिका, साउथ अमेरिका, प्रशांत और अटलांटिक महासागर के अलावा एशिया के कुछ हिस्सों में ही दिखाई देगा. भारत में ये नजर नहीं आएगा. ग्रहण 30 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 4 मिनट से आरंभ होगा और 30 नवंबर को शाम 5 बजकर 22 मिनट पर समाप्त हो जाएगा.

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