Monday , 28 September 2020

हरियाली वाली जगहों में रहने वाले बच्चों का आईक्यू भी काफी तेज होता


लंदन . बड़ी-बड़ी बिल्डिंग में रहने की बजाए हरियाली वाली जगहों में रहने वाले बच्चों में जहां तनाव कम होता है. इसके साथ ही उनका आईक्यू भी काफी तेज होता है. हरियाली वाली जगहों के आसपास रहने वाले बच्चे काफी समझदार होते हैं, कभी किसी से गलत या बुरा बर्ताव नहीं करते, यह जानकारी एक स्टडी में सामने आई है.

दरअसल पहले भी कहा जाता रहा है कि हरा रंग बच्चों पर काफी असर डालता है, उनके विकास में सहायक होता है, इसी तथ्य को परखने के लिए यह स्टडी की. यूनिवर्सिटी ने 10 से 15 साल के 620 बच्चों पर यह अध्ययन किया. सैटेलाइट से हरियाली की फोटो ली गई,तब पता चला कि जो बच्चे हरियाली वाले क्षेत्रों में रहते हैं उनका आईक्यू स्कोर औसत से 2.6 अंक अधिक होता है. इतना ही नहीं हरियाली वाले क्षेत्रों के आसपास रहने वालों बच्चों में तनाव भी कम था और शारीरिक गतिविधियों से लेकर अन्य गतिविधियों में भी बच्चे काफी तेज थे.

स्टडी पर क्लीनिक साइकोलॉजिस्ट ने कहा कि हरियाली और खुले वातावरण में रहने के कारण बच्चे कम उग्र होते हैं जबकि जहां सूर्य की रोशनी कम पड़ती है जैसे कि बिल्डिंग आदि में रहने वालों में तनाव और चिढ़चिढ़ापन ज्यादा होता है. संभव है कि हरियाली वाले क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों में ज्यादा आईक्यू हो. पर्यावरणीय महामारी (Epidemic) विज्ञान के मुताबिक हरियाली वाले क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों का आईक्यू 105 था. प्रोफेसर के मुताबिक सामान्य तौर पर बच्चों का आईक्यू लेवल 90 से 110 के बीच होता है. 125 से 130 आईक्यू वाले बच्चे होशियार माने जाते हैं.