Friday , 25 June 2021

देश के 42 हजार सरकारी स्कूलों की हालत खराब

नई दिल्ली (New Delhi) . देशभर में 42 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों की हालत बेहद खराब हैं. यहां बच्चों के लिए पेयजल और शौचालय की सु‎विधा तक नहीं है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी.

निशंक ने बताया कि यूडीआईएसआई के अनुसार 2018-19 में देश के 1041327 सरकारी स्कूलों में पेजल की सुविधा थी. 1068726 स्कूलों में शौचालय थे. उन्होंने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को बार-बार ये सलाह दी गई है कि गैर सरकारी सहित सभी स्कूलों में बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय होने चाहिए. सभी बच्चों को पीने का पर्याप्त पानी सुनिश्चित होना चाहिए. सरकारी आंकड़ों की बात करें तो जिन 42074 स्कूलों में पेयजल की सुविधा नहीं है, उनमें सबसे अधिक 8522 स्कूल असम में हैं. इसके बाद आंध्र प्रदेश (Andra Pradesh)के 3177, बिहार (Bihar) के 4270, जम्मू-कश्मीर के 2158, मध्य प्रदेश के 5529, झारखंड के 1840, मेघालय के 5208, राजस्थान (Rajasthan)के 2627, उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के 3368 और पश्चिम बंगाल (West Bengal) के 1520 स्कूलों में पेयजल की सुविधा नहीं है.

वहीं, पीने के पानी के साथ बालकों के लिए शौचालय की सुविधा न होने के मामले में भी असम पहले नंबर पर है, जहां 13503 स्कूलों में बालकों के लिए शौचालय नहीं है. इसके बाद बिहार (Bihar) के 9471, जम्मू-कश्मीर के 1379, कर्नाटक (Karnataka) के 1519, मध्य प्रदेश के 5975, महाराष्ट्र (Maharashtra) के 1583, मेघालय के 1933, ओडिशा में 2484, राजस्थान (Rajasthan)में 1061 और पश्चिम बंगाल (West Bengal) में 2142 स्कूल शामिल हैं. बालिकाओं के लिए शौचालय की सुविधा होने के मामले में भी असम सबसे ऊपर है. यहां के 1183 स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालय नहीं है. इसके बाद बिहार (Bihar) दूसरे स्थान पर है, जहां 8361 स्कलों में बालिकाओं के लिए शौचालय नहीं है. इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में 911, झारखंड में 866, मध्य प्रदेश में 4914, महारष्ट्र में 1063, मेघालय में 2314, ओडिशा में 1238 और पश्चिम बंगाल (West Bengal) के 1521 स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालय की सुविधा नहीं है.

Please share this news