Friday , 14 May 2021

नाबालिग पीड़िता की मौत के लिए सिस्टम जिम्मेदार

भोपाल (Bhopal) . शहर में प्‍यारे मियां के यौन शोषण कांड की शिकार नाबालिग बालिका की मौत के ‎लिए कानून विशेषज्ञों ने सिस्टम को जिम्मेदार ठहराया है. कानून विशेषज्ञों ने इस घटना को किशोर न्याय अधिनियम-2015 का स्पष्ट उल्लंघन बताया है. इसके तहत दोषी पाए जाने पर जिम्मेदारों को सात साल तक की सजा का भी प्रविधान है. मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य ब्रजेश चौहान बुधवार (Wednesday) सुबह हमीदिया अस्पताल पहुंच थे. उन्होंने चिकित्सकों से चर्चा कर बालिका के स्वास्थ्य की जानकारी ली थी. चौहान ने बताया कि उन्होंने महिला एवं बाल विकास कमिश्नर को एक पत्र लिखकर सक्षम अधिकारी द्वारा मामले की विभागीय जांच कराने और तीन दिन के भीतर यह जांच रिपोर्ट आयोग को उपलब्ध कराने के लिए कहा है.

मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य और कानून विशेषज्ञ एडवोकेट विभांशु जोशी ने घटना को किशोर न्याय अधिनियम का उल्लंघन बताया है. जोशी ने बताया कि संरक्षण गृह में बालक/बालिका तक किसी तरह का नशा अथवा दवा का ओवरडोज पहुंचना किशोर न्याय अधिनियम की धारा-77 का स्पष्ट उल्लंघन है. इसमें दोष सिद्ध होने पर सात साल की सजा भी हो सकती है. मामले से जाहिर हो रहा है कि कहीं न कहीं बाल कल्याण समिति ने पीड़िताओं की समुचित काउंसलिंग नहीं करवाई. मालूम हो ‎कि 12 जुलाई 2020 को चाइल्ड लाइन की सदस्य अमिता मिश्रा ने पुलिस (Police) में यह शिकायत दर्ज कराई थी कि शाहपुरा इलाके में स्थित एक फ्लैट में बर्थ-डे पार्टी के दौरान प्यारे मियां ने चार नाबालिग बालिकाओं का यौन शोषण किया. काउंसिलिंग में पता चला कि प्यारे मियां पूर्व में कई बार बालिकाओं का यौन शोषण कर चुका है. इस मामले में प्यारे मियां की महिला मित्र स्वीटी उर्फ हम्टी भी सहयोग करती थी.

विवेचना के दौरान पता चला कि आरोपित ने कोहेफिजा क्षेत्र में भी एक नाबालिग किशोरी का भी यौन शोषण किया था. गर्भवती होने पर स्वीटी ने बालिका का गर्भपात करवा दिया था. शिकायत के आधार पर आरोपित प्यारे मियां और उसके सहयोगी अनस, राबिया, स्वीटी, गुलफाम और एक महिला को विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था. सभी आरोपित जेल में हैं. मालूम हो ‎कि यौन शोषण कांड की शिकार नाबालिग बालिका दो दिन तक मौत से संघर्ष करने के बाद अंतत: बधुवार रात जीवन की जंग हार गई. उसे सोमवार (Monday) रात बेहोशी की हालत में हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था. मंगलवार (Tuesday) रात को डॉक्टरों (Doctors) ने बालिका को ब्रेन डेड घोषित कर दिया था.

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