Thursday , 25 February 2021

दिल्ली हाईवे अड्डे पर लगाए गए अत्याधुनिक एटीसी टॉवर और थर्मल इमेजिंग कैमरे

नई दिल्ली (New Delhi) . दिल्ली हवाईअड्डे पर अत्याधुनिक एटीसी टॉवर और थर्मल इमेजिंग कैमरों की मदद से कोहरे में उड़ानों के संचालन में काफी मदद मिल रही है. यहां यात्रियों (Passengers) की सोशल मीडिया (Media) पर मिली शिकायतों के समाधान के लिए एक उच्च स्तरीय सोशल मीडिया (Media) कमांड सेंटर बनाया गया है जो 24 घंटे काम करता है. इस सीजन उड़ानों की संख्या आधी होने, कम कोहरा पड़ने से उड़ानों पर ज्यादा असर पड़ता नहीं दिख रहा.

बीते दो माह में केवल दो बार ऐसे मौके आए जब कोहरे के चलते दृश्यता शून्य हुई और करीब 100 उड़ानों ने देरी से उड़ान भरी. केवल वहीं उड़ान जैसे नगर, जम्मू (Jammu) आदि रद्द की गई जिनके गंतव्य एयरपोर्ट पर मौसम ठीक नहीं था. जबकि जनवरी 2019 में कोहरे के चलते बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द की गई थी. दिसंबर 2019 में शुरू हुआ नया एटीसी टावर अत्याधुनिक उपकरणों से लेस है. यह प्रति घंटा 80 विमानों की आवाजाही सुरक्षित संचालन करने की क्षमता रखता है. इससे टर्मिनल 3 समेत एयरपोर्ट परिसर के 90 फीसदी द्वोत्र पर सीधे नजर रखी जा सकती है. जिससे कोहरे में कम दृश्यता के दौरान बेहतर समन्वय के साथ काम किया जा रहा है. जबकि पुराने टावर से एटीसी नियंत्रकों की एयरपोर्ट के केवल 50 से 60 फीसदी क्षेत्र तक दृश्यता थी. जिससे वह काफी हद तक पायलट की सूचना पर निर्भर रहते थे. एक साथ कई विमानों के अपनी स्थिति बताने पर वह उनकी बताई सूचना के आधार पर ही निर्णय लेते थे. हालांकि फिलहाल कोरोना महामारी (Epidemic) के चलते केवल 700 उड़ान रोजाना आवाजाही कर रहीं हैं.जबकि पहले 1300 उड़ानें आवाजाही करती थी.

वहीं, एयरपोर्ट मौसम विभाग भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान आईआईटीएम और राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र एनसीएमआरडब्ल्यूए की मदद से कोहरे पर पहले से सटीक व अग्रिम सूचना प्राप्त कर रहा है. इसके अलावा पूरे एयरपोर्ट पर कैटथ्री बी सुविधा है. जिससे रनवे पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था है. एयरसाइड पर रात में कामकाज में लगे कर्मियों के लिए थर्मल इमेजिंग हेड गियर्स खरीदे गए हैं. इन थर्मल कैमरों की मदद से वाहनों के आवाजाही में मदद मिलती है. एयरपोर्ट पर फॉलो-मी वाहन हैं. ये वाहन विमान को पार्किंग स्टैंड व रनवे के बीच आवाजाही करने में मदद करते हैं. जिससे समय व्यर्थ नहीं जाता.

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