Friday , 7 May 2021

रूपेश हत्याकांड में एसआईटी ने 250 शूटरों की मंगवाई लिस्ट

पटना (Patna) . इंडिगो के मैनेजर रूपेश कुमार सिंह की हत्या (Murder) में टेंडर में विवाद की बात सामने आने के बाद एसआईटी ने इसकी जांच तेज कर दी है. एसआईटी प्रमुख सिटी एसपी सेंट्रल विनय तिवारी पीएचईडी और जल संसाधन विभाग पहुंचे. तीन घंटे तक दोने विभागों के चीफ इंजीनियर से टेंडर के बाबत जानकारी ली.

सूत्रों के अनुसार, इन दोनों विभागों में टेंडर के बारे में एसआईटी को जानकारी मिली कि लेवल थ्री की ठेकेदारी जिलों से होती है. लेवल थ्री का मतलब है डेढ़ से साढ़े तीन करोड़ के बीच की ठेकेदारी. लेवल थ्री की ठेकेदारी रूपेश के भाई और उनके अन्य करीबी रिश्तेदार करते हैं. इसका टेंडर विभाग से नहीं होता है, बल्कि जिलों से होता है. विभाग से जिलों का नाम मिलने के बाद एसआईटी की एक-एक टीम छपरा (Chapra) , सीतामढ़ी, गोपालगंज समेत चार जिले में भेज दी गई है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एसआईटी की ये टीम जिले में विभाग के कार्यपालक अभियंता से टेंडर से जुड़ी जानकारी हासिल करेगी कि क्या रूपेश की हत्या (Murder) का तार टेंडर के विवाद से जुड़ा हुआ है या नहीं?

सूत्रों के अनुसार, एसआईटी अपने जांच की दिशा को बेउर जेल में बंद सोना (Gold) के तस्कर की ओर भी कर रही है. उसे डीआरआई ने 2 महीने पहले पटना (Patna) एयरपोर्ट पर पकड़ा था. उसे रूपेश के टिप्स पर डीआरआई ने गिरफ्तार किया. पुलिस (Police) को शक है कि सोने के तस्करी से जुड़े लोगों ने इसी का कहीं बदला तो नहीं ले लिया. जांच में पुलिस (Police) जानकारी मिल गई है कि रूपेश की हत्या (Murder) सुपारी देकर किसी ने कांट्रैक्ट किलर्स से कराई है. पटना (Patna) समेत पूरे बिहार (Bihar) के करीब 250 शूटरों की लिस्ट एसआईटी ने मंगवाई है. इन सभी शूटरों के ठिकानों से लेकर घर तक हर जिले में पुलिस (Police) छापेमारी कर रही है. सूत्रों का कहना है कि शूटरों की पहचान कर ली गई है पर गिरफ्तारी नहीं हुई है.

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