Friday , 25 June 2021

आइसलैंड में 800 साल से सुप्त ज्वालामुखी फटा

-लावा की चमक 32 किमी दूर तक दिखी

रेक्यावीक, आइसलैंड . आइसलैंड की राजधानी रेक्यावीक के दक्षिणपश्चिम में स्थित रेक्येनीस पेनिनसुला में 800 साल से सुप्त पड़े ज्वालामुखी के अचानक फटने से अस इलाके में सनसनी फैल गई. मौसम विभाग ने बताया कि शुक्रवार (Friday) रात 8:45 बजे ज्वालामुखी फट गया. यह ज्वालामुखी 800 साल से शांत था लेकिन अब इसके फटने से दो ओर लावा बह गया. शुरुआती फुटेज में यह विस्फोट छोटा लग रहा है. इससे निकलने वाला लावा की चमक 32 किलोमीटर दूर तक दिखी. यह ज्वालामुखी रिहायशी घाटी से बहुत दूर है. सबसे नजदीकी सड़क भी इससे 2.5 किलोमीटर दूर है. ऐसे में इसके कारण किसी इलाके को खाली किए जाने की संभावना कम है. फाग्राडेल्स माउंटेन ज्वालामुखी 6000 साल से शांत है और रेक्येनीस पेनिनसुला में 781 साल से ज्वालामुखी नहीं फूटा है. हाल में बड़ी संख्या में भूकंप आने से ज्वालामुखी की आशंका पैदा हो गई थी लेकिन विस्फोट से पहले सीस्मिक ऐक्टिविटी के बंद हो जाने के चलते यह घटना हैरान करने वाली रही.

हालांकि, लोगों को सलाह दी गई है कि अपनी खिड़कियां बंद रखें और घर में ही रहें ताकि हवा में फैली गैस से नुकसान न हो. आइसलैंड में 30 से ज्यादा सक्रिय और विलुप्त ज्वालामुखी हैं. साल 1784 में लाकी में हुए विस्फोट से सूखा पड़ गया था जिससे देश की एक चौथाई आबादी खत्म हो गई थी. साल 2010 में हुए विस्फोट से यूरोप में एयर ट्रैफिक बाधित हुआ था. आइसलैंड ऐसे जोन में आता है जहां दो महाद्वीपीय प्लेटें एक-दूसरे से दूर जाती हैं. एक ओर उत्तरी अमेरिकी प्लेट अमेरिका को यूरोप से दूर खींचती है, वहीं दूसरी ओर यूरेशियन प्लेट दूसरी दिशा में. आइसलैंड में सिलफ्रा रिफ्ट नाम का क्रैक है जिसे देखने के लिए पर्यटक और डाइव बड़ी संख्या में आते हैं.

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