Wednesday , 23 June 2021

स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश

जबलपुर, 25 मार्च . अनुकंपा नियुक्ति में चपरासी के पद का पहला विकल्प रखने के मामले में स्कूल शिक्षा विभाग को बड़ा बदलाव करना पड़ा. अनुकंपा नियुक्ति के आवेदकों के सामने अब प्रयोगशाला शिक्षक के पद पर नियुक्ति का विकल्प भी रहेगा. विभागीय भर्ती नियमों का हवाला देते हुए प्रयोगशाला शिक्षक के खाली पदों पर अनुकंपा नियुक्ति के लिए पात्रता परीक्षा द्वारा चयन की शर्त को भी हटा दिया गया है.

विभाग ने इस बारे में निर्देश जारी कर दिए हैं. विभाग द्वारा आयुक्त को जारी निर्देश में कहा गया है कि मप्र राज्य स्कूल शिक्षा सेवा-शैक्षणिक संवर्ग 1 जुलाई 2018 से लागू हुआ है. इस नियम की अनुसूची-3 के कॉलम 5 में शैक्षणिक अर्हता एवं कॉलम 6 में तय प्रतिशत के साथ शिक्षक पात्रता परीक्षा पास होने का प्रावधान है.पेंडिंग मामलों में जिन आवेदकों द्वारा आरटीई एक्ट 2009 के प्रावधान के अनुसार तीन में से कोई भी पात्रता परीक्षा पास की हो उन्हें पात्रता परीक्षा वैधता अवधि को संज्ञान में लिए बगैर अनुकंपा नियुक्ति के लिए विचार किया जा सकेगा.

निर्देश में यह कहा…………

विभाग के प्रचलित भर्ती नियमों में तय शैक्षणिक योग्यता रखने वाले अध्यापक संवर्ग एवं नियमित शिक्षक संवर्ग के दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को प्रयोगशाला शिक्षक के खाली पदों पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी.
29 सितंबर 2014 को जीएडी द्वारा जारी नियमों कंडिका 6.3 के भर्ती नियमों के प्रावधान में चयन प्रक्रिया की शर्त से छूट दी गई है. विभागीय भर्ती नियम 2018 की अनुसूची 3 में उल्लेखित प्रयोगशाला शिक्षक के पद पर नियुक्ति के लिए तय अर्हता में पात्रता परीक्षा का उल्लेख नहीं है.

अवमानना के केस भी…………..

विभाग ने माना अनुकंपा नियुक्ति के कई मामले पेंडिंग विभाग ने यह भी माना है कि अनुकंपा नियुक्ति के कई मामले पेंडिंग हैं. इनका निपटारा नहीं होने से कुछ प्रकरण अदालत में पहुंचने से अवमानना के मामले भी चल रहे हैं.

Please share this news