Wednesday , 16 June 2021

होमगार्ड का शव बाथरुमे मे मिलने पर अस्पताल प्रबंधन पर उठ रहे सवाल

भोपाल (Bhopal) . राजधानी में होमगार्ड जवान पुष्पराज गौतम का जेपी अस्पताल के कोविड वार्ड के टॉयलेट में शव मिलने के बाद अस्पताल प्रबधन पर अनेक सवाल उठ रहे हैं. जवान की मौत ने राजधानी भोपाल (Bhopal) के इस जिला अस्पताल की अव्यवस्था और स्टाफ के लापरवाह रवैयै की पोल खोल कर रख दी है.

जानकारी के अनुसार जेपी जिला अस्पताल के इस कोविड वॉर्ड में तीन शिफ्ट में एक साथ 5 से 6 कर्मचारियों की ड्यूटी लगायी गई है. इसके बाद भी वो वार्ड ब्वॉय, आया के साथ तीन डॉक्टर्स की ड्यूटी के बाद भी वॉर्ड में भर्ती होमगार्ड जवान कैसे गायब हो गए. ओर बिना किसी चेकिंग के वो को विभाजित वॉर्ड से कैसे बाहर निकले. बताया जा रहा है कि परिवार या बाहरी व्यक्तियों से मिलने जुलने के लिये एंट्री रजिस्टर के बिना ही कोविड वार्ड में सभी को एंट्री दी जा रही है. वहीं होमगार्ड जवान रविवार (Sunday) रात साढ़े आठ बजे से लापता था. जब कहीं संपर्क नहीं हो पाया तो परिवार वालों ने सोमवार (Monday) शाम को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस (Police) से की. उसके 24 घंटे बाद जवान की उनका शव अस्पताल के कोविड वॉर्ड के टॉयलेट में बरामद हुआ.

मामले मे वॉर्ड में तैनात कर्मचारियों का कहना है हर 2 से 3 घंटे में अस्पताल के कोविडवार्ड के टॉयलेट की साफ सफाई की जाती है. लेकिन इसके बाद भी जवान का शव 24 घंटे बाथरुम मे पडा रहा ओर किसी को पता नहीं चला, इससे पता चलता है कि यहॉ साफ सफाई समय पर नही होती वरना इस हादसे की खबर भी दो तीन घंटे बाद ही लग सकती थी. गोरतलब है कि रविवार (Sunday) रात 8 बजे के बाद होमगार्ड जवान के परिवार से उनका संपर्क नहीं हो पाया था.वो अचानक लापता हो गए. दिनभर खोजने के बाद पिता ने सोमवार (Monday) शाम हबीबगंज थाने में पुष्पराज की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. और 24 घंटे बाद मंगलवार (Tuesday) शाम बाथरूम में उनकी लाश मिली.

इस मामले में अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही बरतने पर सिस्टर इंचार्ज शामली वर्गीस, स्टाफ नर्स (Nurse) शीला श्रीवास्तव और मेट्रन सरोज मीना श्रीवास पर कार्रवाई की है. वहीं इस मामले की जांच के लिए तीन डॉक्टरों (Doctors) की कमेटी बनाई गयी है, इसमें डॉक्टर (doctor) वी के दुबे, एम एस खान और डॉ यूडी सक्सेना को शामिल किया गया है.

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