Tuesday , 29 September 2020

सिद्धांतों की लड़ाई में विरोध वॉलेंटरी और समर्थन मैनेज्ड होता है पार्टी नेतृत्व पर निशाना: कपिल सिब्बल


नई दिल्ली (New Delhi) . कांग्रेस के संगठन में व्यापक बदलाव और पूर्णकालिक अध्यक्ष की मांग को लेकर सोनिया गांधी को पत्र लिखने वाले नेताओं में शामिल कपिल सिब्बल ने कहा कि जब सिद्धांतों के लिए लड़ाई होती है तो विरोध अक्सर स्वैच्छिक होता है और समर्थन अक्सर प्रबंधित किया होता है. माना जा रहा है कि पिछले दिनों कांग्रेस में शीर्ष नेतृत्व को लेकर हुए घमासान के संदर्भ में उन्होंने यह बात कही है.

ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि क्या वह सीडब्ल्यूसी बैठक में मौजूदा नेतृत्व को लेकर उपजे समर्थन को मैनेज्ड बता रहे हैं सिब्बल ने ट्वीट किया जब सिद्धांतों के लिए लड़ रहे हैं तो जिंदगी में, राजनीति में, न्याय में, सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच, सोशल मीडिया (Media) मंचों पर विरोध अक्सर स्वैच्छिक होता है, लेकिन समर्थन अक्सर प्रबंधित होता है. इससे पहले सिब्बल ने मंगलवार (Tuesday) को कहा था कि यह एक पद के बारे में नहीं है, बकि यह देश के लिए है, जो सबसे ज्यादा मायने रखता है.

गौरतलब है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिब्बल ने ये टिप्पणियां उस वक्त की है कि जब गत सोमवार (Monday) को कांग्रेस कार्य समिति सीडब्ल्यूसी की बैठक में राहुल गांधी की एक कथित टिप्पणी और फिर उन पर सिब्बल की तरफ से निशाना साधे जाने के बाद विवाद हो गया था. बाद में सिब्बल ने कहा कि खुद राहुल गांधी ने उन्हें सूचित किया कि उनके हवाले से जो कहा गया है वो सही नहीं हैं और ऐसे में वह अपना पहले का ट्वीट वापस लेते हैं. खबरों में कहा गया था कि राहुल गांधी ने पत्र लिखने वाले नेताओं पर भाजपा के साथ साठगांठ का आरोप लगाया, हालांकि बाद कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि राहुल गांधी ने सीडब्ल्यूसी की बैठक में ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की.