Wednesday , 14 April 2021

राजधानी में अगले हफ्ते वैक्सीनेशन की तैयारियों को परखा जाएगा

भोपाल (Bhopal) . मध्य प्रदेश में कोविड-19 (Covid-19) की वैक्सीन लगाए जाने की मुहिम शुरू करने से पहले की तैयारियां चालू कर दी हैं. इसके तहत अब ड्राय रन होगा. राजधानी के तीन प्वाइंट पर ड्राय रन होगा. इससे पहले देश के चार राज्यों- असम, आंध्र प्रदेश, गुजरात (Gujarat) और पंजाब (Punjab) में कोविड-19 (Covid-19) वैक्सीन का ड्राय रन 28-29 दिसंबर को हुआ था. सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को वैक्सीन को लेकर ड्राय रन कराने के निर्देश जारी कर दिए. राज्यों की राजधानी के कम से कम तीन प्वाइंट पर ड्राय रन कराया जाएगा.

को-विन प्लेटफॉर्म पर होंगे रजिस्ट्रेशन

राजधानी भोपाल (Bhopal) के तयशुदा केंद्रों पर लोगों को इस वैक्सीन की डोज देने की मॉक ड्रिल जाएगी. इसके लाभार्थियों का को-विन आईटी प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन करवाया जाएगा. इसके बाद उन्हें मैसेज के जरिए कोविड-19 (Covid-19) वैक्सीनेशन के लिए वक्त और जगह के बारे में बताया जाएगा. इस ड्राय रन के लिए विस्तृत चेक लिस्ट केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने तैयार की है. इसे राज्यों के साथ साझा किया गया है.

वर्कशॉप और रजिस्ट्रेशन

ड्राय रन शुरू करने से पहले वैक्सीनेशन के काम में लगने वाले कर्मचारियों के लिए स्पेशल ट्रेनिंग वर्कशॉप होगी. इसके अलावा, को-विन ऐप की भी जांच-परख की गई कि यह ऐप ठीक से काम कर रहा है या नहीं. ड्राय रन कराने के केंद्र सरकार (Central Government)के निर्देश आ गए हैं. एक जनवरी को इसकी प्लानिंग और ट्रेनिंग होगी. इसके बाद ड्राय रन कराया जाएगा. जगह भी निश्चित की जाएगी. राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. संतोष शुक्ला ने बताया कि इन चीजों पर काम शुरू किया गया. हमारे पास वैक्सीनेशन के लिए पहले से कोल्ड स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद हैं, जो कि जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त है. डॉ. शुक्ला ने कहा कि कर्मचारियों को ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है. अब इन तैयारियों को परखने की ज़रूरत थी, क्योंकि वैक्सीन कभी भी आ सकती है. ड्राय रन के जरिए वैक्सीनेशन के काम में लगने वाले कर्मचारियों की तैनाती, कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्थाओं, ट्रांसपोर्टेशन के काम और दूसरे इंतजामों का भी परीक्षण किया जा रहा है, ताकि जब वास्तविक वैक्सीनेशन शुरू हो, तब दिक्कत न आए. वैक्सीनेशन के लिए किस तरह के प्रोटोकॉल रहेंगे और इनका कैसे पालन होना है, इसका भी परीक्षण किया जा रहा है. पूरी योजना ये है कि वैक्सीनेशन को लॉन्च करने से पहले इसकी व्यवस्थाओं और दूसरे पहलुओं को जांच लिया जाए, ताकि बाद में इसे लेकर दिक्कतें ना आएं.

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