Monday , 10 May 2021

गर्भवती और दूध पिलाने वाली महिलाएं अभी वैक्सीन न लगवाएं

नई दिल्ली (New Delhi) . भारत में दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की 16 जनवरी से शुरूआत हो रही है. टीकाकरण अभियान से पहले सरकार ने एक गाइडलाइन जारी की है, जिसमें बताया गया है कि किन लोगों को अभी टीका नहीं लगवाना है. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 (Covid-19) टीकों की विनिमयशीलता (इंटरचेंजिंग) की अनुमति नहीं है और गर्भवती और दूध पिलाने वाली महिलाएं टीके न लगवाएं, क्योंकि उन्हें अब तक किसी भी कोरोना (Corona virus)-रोधी टीके के क्लिनिकल ट्रायल का हिस्सा नहीं बनाया गया है. इसके लिए केंद्र सरकार (Central Government)ने राज्यों को पत्र लिखा है और यह एहतियात बरतने को दिशा-निर्देश जारी किया है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों को लिखे पत्र में आपातकालीन परिस्थितियों में इनके इस्तेमाल को रेखांकित करते हुए कहा कि कोविड-19 (Covid-19) टीके केवल 18 साल या उससे अधिक आयु के लोगों के लिए हैं. आवश्यकता पड़ने पर कोविड-19 (Covid-19) टीकों और अन्य टीकों के बीच कम से कम 14 दिन का अंतराल लिया जा सकता है. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मनोहर अगनानी द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि कोरोना के टीकों की विनिमयशीलता (एक टीका अलग, दूसरा अलग) की अनुमति नहीं है. उन्होंने कहा कि दूसरी खुराक भी उसी टीके की लेनी होगी, जो पहले टीके की ली गई है. पत्र में कहा गया है कि गर्भवती तथा दूध पिलाने वाली महिलाओं को अब तक किसी भी टीके के क्लिनिकल ट्रायल का हिस्सा नहीं बनाया गया है. लिहाजा गर्भवती और बच्चों को दूध पिलाने वाली महिलाएं इस समय कोरोना (Corona virus) का टीका नहीं लगवाएं.

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