Wednesday , 30 September 2020

बेंगलुरु में हिंसा पूर्व नियोजित और संगठित तौर पर अंजाम दी गई : सिटिजन फॉर डेमोक्रेसी


बेंगलुरु (Bengaluru) . सिटिजन फॉर डेमोक्रेसी’ ने कर्नाटक (Karnataka) के मुख्यमंत्री (Chief Minister) बी एस येदियुरप्पा को सौंपी अपनी तथ्यान्वेषी रिपोर्ट में कहा है, कि बेंगलुरु (Bengaluru) में हालिया हिंसा ‘‘पूर्व नियोजित और संगठित तौर पर अंजाम दी गई, तथा ‘‘निस्संदेह यह सांप्रदायिक रूप से प्रेरित थी.सिटिजन फॉर डेमोक्रेसी ने कहा कि 11 अगस्त की रात दंगों के दौरान खासकर इलाके में कुछ प्रमुख हिंदुओं को निशाना बनाया गया तथा समूची घटना ‘‘राज्य के खिलाफ दंगा’ की तरह था, जिसका मकसद राज्य के प्रति आम लोगों के भरोसे को घटाना था. सिटिजन फॉर डेमोक्रेसी’जिम्मेदार नागरिकों का एक मंच है, जिसका दावा है कि वह देश के नागरिकों के लोकतांत्रिक मूल्यों और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है. वर्ष 2011 में शुरुआत के बाद इसने राष्ट्रीय और सामाजिक महत्व के विषयों पर विभिन्न सेमिनार, अभियान चलाए हैं.

संगठन ने कहा कि हालिया हिंसा पर गौर करने के लिए समाज के अग्रणी प्रतिनिधियों की एक तथ्यान्वेषी समिति बनाई गई. इसका उद्देश्य बिना किसी भेदभाव या राजनीतिक हित के तटस्थ होकर घटना की पड़ताल करना था. सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश (judge) श्रीकांत डी बाबालाडी की अध्यक्षता वाली तथ्यान्वेषी समिति में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी मदन गोपाल, सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी आर राजू सहित सेवानिवृत्त नौकरशाह, पत्रकार, वकील, प्रोफेसर और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे. मदन गोपाल के नेतृत्व में कमेटी के सदस्यों ने शुक्रवार (Friday) को येदियुरप्पा को रिपोर्ट सौंपी.

रिपोर्ट में कहा गया कि अनुमान के मुताबिक हिंसा के दौरान 36 सरकारी वाहनों, करीब 300 निजी वाहनों और कई मकानों में तोड़फोड़ की गई. कमेटी ने कहा कि 10 से 15 करोड़ रुपये नुकसान का अनुमान है. कमेटी ने कहा कि प्राथमिकी और पीड़ितों के बयानों के आधार पर पाया गया कि स्थानीय लोग भी हिंसा में शामिल थे. रिपोर्ट में कहा गया, जिन लोगों और घरों को निशाना बनाया गया, उस आधार पर कमेटी की राय है कि दंगा का मकसद दहशत कायम करना था ताकि जनसांख्यिकी में बदलाव हो और इस मुस्लिम बहुल क्षेत्र बना दिया जाए. ’’