Friday , 14 May 2021

राजैनतिक नियुक्तियों ने लगाया निकाय चुनाव का ब्रेक


जयपुर (jaipur) . मुख्यमंत्री (Chief Minister) अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) सरकार बनते ही कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को नियुक्तिया देने की बात की थी जो बडी तादाद सरकार की दूसरी वर्षगाठ के बावजूद नहीं हो सकी जबकि कार्यकर्ताओं ने राजनैतिक नियुक्तियों के लिए मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष के दरवाजे से लेकर दिल्ली आलाकमान के दररवाजों तक अनेको बार बताने दिखाने की कोशिश की है मै वफादार कार्यकर्ता हूं पर कोरोना और सरकार के आपसी खींचमतान के कारण राजनैतिक नियुक्तियां पर ब्रेक लग गया था शायद अब फिर प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने नियुक्तियां शीघ्र होगी के लिए आशा कार्यकर्ताओं को बधाई है.

राजनीतिक नियुक्तियों में एडजस्ट किए जाने वाले कार्यकर्ताओं और नेताओं के नामों की सिफारिश करेंगे. हालांकि पार्टी के अंदर खाने चल रही चर्चाओं की माने तो अभी तक जिला स्तरीय राजनीतिक नियुक्ति नहीं होने सबसे बड़ी वजह है कार्यकर्ताओं की संख्या लाखों में होना,जबकि जिला स्तरीय राजनीतिक नियुक्तियां महज 30 हज़ार हैं. ऐसे में किसे एडजस्ट किया जाए किसे नहीं? इसी असमंजस के चलते राज नियुक्तियां अटकी हुई हैं. वहीं दूसरी ओर राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर सत्ता और संगठन ने एक फार्मूला तैयार कर बीच का रास्ता निकाला है जिसके लिए स्थानीय निकाय चुनाव संपन्न होने का इंतजार किया जा रहा है.

जिन्हें टिकट मिला वो राजनीतिक नियुक्तियों से बाहर सूत्रों की मानें तो पार्टी में तय हुए एक फॉर्मूले के मुताबिक जिन कार्यकर्ताओं को नगर निगम, पंचायत समिति, जिला परिषद और स्थानीय निकाय चुनाव में टिकट मिल चुका है उन नेताओं और कार्यकर्ताओं को जिला स्तरीय राजनीतिक नियुक्तियों से बाहर रखा जाएगा. अकेले इसी माह हों रहे 90 निकायों के तीन हज़ार से ज्यादा से ज्यादा वार्डों में चुनाव हो रहे हैं. पार्टी यहां 3 हज़ार से ज्यादा नेता और कार्यकर्ताओं को टिकट देगी. ऐसे में एक मोटे अनुमान के मुताबिक छह नगर निगम, जिला परिषद चुनाव, पंचायत चुनाव और बीते साल दिसंबर माह में हुए 50 निकायों और अब 90 निकायों में लगभग 10 हज़ार नेताओं और कार्यकर्ताओं को टिकट देकर चुनावों में खपाने की बात कही जा रही है.

चर्चा है कि 10 हज़ार से ज्यादा नेता और कार्यकर्ताओं को चुनावों में खपाने के बाद जिला स्तरीय राजनीतिक नियुक्तियों के लिए छंटनी की जाएगी. जिन नेताओं और कार्यकर्ताओं को टिकट नहीं दिया गया है उन नेताओं को जिला स्तरीय राज नियुक्तियों में एडजस्ट किया जाएगा. हालांकि कहा जा रहा है कि जिला स्तरीय राजनीतिक नियुक्तियों के लिए 90 निकायों में टिकट वितरण होने के बाद नए सिरे से कवायद शुरू होगी. वहीं जिला स्तरीय राजनीतिक नियुक्तियों की कवायद दोबारा शुरू करने के प्रदेश प्रभारी अजय माकन के बयान के बाद जिलों में संगठन के उन नेताओं और कार्यकर्ताओं में हडक़ंप मचा हुआ जो जिला स्तर पर विधायकों और अन्य नेताओं के द्वारा पहले तैयार की गई सूचियों में स्वयं को एडजस्ट मानकर चल रहे थे, लेकिन अब जिला प्रभारियों के द्वारा राजनीतिक नियुक्तियों की कवायद दोबारा शुरू करने और सूचियां दोबारा तैयार करने से फिर से नेताओं और कार्यकर्ताओं को राजनीतिक नियुक्तियों में एडजस्ट होने के लिए भागदौड़ करनी पड़ेगी.

Please share this news