Tuesday , 20 April 2021

कैदियों के पास मिले मोबाइल के मामले में पुलिस की जांच तेज, जेलर के घर की भी सघन तलाशी ली

जेल में बैरकों के साथ-साथ जेलर के घर की भी सघन तलाशी ली

जोधपुर (Jodhpur) . हाई सिक्योरिटी जोधपुर (Jodhpur) सेंट्रल जेल में कैदियों के पास मिले मोबाइल के मामले की पुलिस (Police) ने अपनी जांच तेज कर दी है. पुलिस (Police) ने जब्त मोबाइलों के सभी नंबरों की जांच व जेल में लगे सीसीटीवी कैमरे की पड़ताल की है. जांच के बाद सेंट्रल जेल के जेलर जगदीश पूनिया को भी आरोपी बनाया गया है. दरअसल, 1 सप्ताह पहले जेल में सर्च ऑपरेशन के दौरान 17 मोबाइल बरामद हुए थे.

उसके बाद से पुलिस (Police) गंभीरता से कार्रवाई कर रही है. अब पु‎लिस ने सेंट्रल जेल में बैरकों के साथ साथ जेलर के घर की भी सघन तलाशी ली है. जानकारी के मुता‎बिक, डीसीपी ईस्ट पुलिस (Police) ने 1 सप्ताह पहले सेंट्रल जेल में 17 मोबाइल के साथ कुछ चार्जर बरामद किये थे. उसके बाद डीसीपी ईस्ट की टीम ने सभी नंबरों की जांच और जेल में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज के आधार पर अब सेंट्रल जेल के जेलर जगदीश पूनिया को भी आरोपी बनाया है.

डीसीपी ईस्ट धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि जेल में मोबाइल मिलने के बाद जांच जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे कई नामजद आरोपी सामने आ रहे हैं. अब तक इस मामले में चार आरोपियों को हिरासत में लिया गया है और उनके पूछताछ की जा रही है. उन्हीं की पूछताछ व अन्य सबूतों के आधार पर जेलर जगदीश पूनिया को भी सेंट्रल जेल में प्रतिबंधित सामग्री सप्लाई करने के मामले में आरोपी माना है. लिहाजा पूनिया को भी आरोपी बनाया गया है. इससे पहले भी जगदीश पूनिया पर पैसों के बदले कैदियों को सुविधा मुहैया करवाने के आरोप लगते रहे हैं.

लेकिन यह पहली बार है जब सेंट्रल जेल में मोबाइल के खेल में सीधे जेलर का नाम सामने आया है. पुलिस (Police) ने अपनी जांच में जेलर जगदीश पूनिया को जेल में अवैध सामग्री सप्लाई करने का मुख्य सूत्रधार माना है. डीसीपी ईस्ट धर्मेंद्र सिंह यादव ने कहा कि जांच के बाद और जेल के कई कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर (First Information Report) दर्ज कर उन पर कार्रवाई की जा सकती है.

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