Wednesday , 30 September 2020

पीएम मोदी और रक्षामंत्री राजनाथ ने किए भारत रत्न प्रणब मुखर्जी के अंतिम दर्शन

नई दिल्ली (New Delhi) . भारत के सर्वाधिक सम्मानित राजनेताओं में एक पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सोमवार (Monday) को दुनिया को अलविदा कह दिया है. मुखर्जी का पार्थिव शरीर सेना के अस्पताल से उनके 10, राजाजी मार्ग स्थित सरकारी आवास पर लाया गया, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बड़ी संख्या में अन्य लोगों ने उन्हे श्रद्धांजलि दी.

मंगलवार (Tuesday) को पूर्व राष्ट्रपति के सम्मान में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को आधा झुका दिया गया. भारत सरकार (Government) ने 6 सितंबर तक के लिए पूरे देश में राजकीय शोक का ऐलान किया है. गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने बयान जारी कर कहा कि दिवंगत सम्मानीय नेता के सम्मान में भारत में 31 अगस्त से लेकर छह सितंबर तक राजकीय शोक रहेगा. मंत्रालय ने कहा कि राजकीय शोक के दौरान देश भर में उन सभी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा.

मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी ने सेना के अस्पताल में उनका निधन होने की सूचना साझा की, जिसके बाद देश भर में शोक की लहर दौड़ गई. मुखर्जी 21 दिन तक कई बीमारियों से संघर्ष करते रहे. वह देश के बहुत ही दूरदर्शी और सम्मानित नेताओं में से एक थे. मुखर्जी को गत 10 अगस्त को सेना के ‘रिसर्च एंड रेफ्रल हास्पिटल’ में भर्ती कराया गया था. उसी दिन उनके मस्तिष्क की सर्जरी की गई.

उनके परिवार में दो पुत्र और एक पुत्री हैं. लंबे समय तक कांग्रेस के नेता रहे मुखर्जी सात बार सांसद (Member of parliament) रहे. अस्पताल में भर्ती कराए जाने के समय वह कोरोना से संक्रमित पाए गए थे. उनका फेफड़ों में संक्रमण के लिए भी इलाज किया जा रहा था. उन्हें इसके चलते रविवार (Sunday) को ‘सेप्टिक शॉक’ आया था.