Friday , 5 March 2021

भूतों के डर से झारखंड के गांव में नहीं हो रही है धान की कटाई

चतरा झारखंड के चतरा जिला मुख्यालय से लगभग 27 किलोमीटर दूर पितीज गांव के लोग भूत-प्रेत के डर से खेतों में धान की कटाई नहीं कर रहे हैं और धान को खेतों में ही सड़ने के लिए छोड़ दिया है. ग्रामीणों की माने तो धान की कटाई करने से गांव पर विपत्ति आ जाएगी. गांव के ग्रामीण संजय यादव ने बताया कि यहां गांवाट (पाहन) का बहुत असर है. गांव का मालिक पूजा नहीं करता है तो अनिष्ट की आशंका बनी रहती है. ग्रामीण खेमलाल यादव ने बताया कि अनहोनी के खौफ से यहां के लोगों ने धान खेतों में ही बर्बाद होने के लिए छोड़ दिया है. अंधविश्वास है कि गांव के मालिक की ओर से ग्राम देवता और कुल देवता की पूजा विधि-विधान से नहीं की जाती है, तब तक यहां धान की कटाई नहीं हो सकती है. ग्रामीण प्रकाश कुमार ने बताया कि गांव वालों का मानना है कि धान की कटाई करने से इस गांव का भूत उनका कुछ ना कुछ बुरा जरूर करेगा.

दरअसल, इस गांव में जय गुरुदेव को मानने वाले और स्थानीय लोगों के बीच एकता नहीं रहने से कुल देवता और ग्राम देवता की पूजा नहीं हो पा रही है, जिसके कारण अब कुल देवता और ग्राम देवता की पूजा के बगैर यहां धान की कटाई नहीं की जा सकेगी. इससे पहले भी जिले के कई गांवों में भूत के डर से 3 साल तक खेती नहीं हुई थी. इस बाबत सामाजिक कार्यकर्ता अनीता मिश्रा ने कहा कि पितीज गांव के लोग अंधविश्वास में जी रहे हैं, उन्होंने कहा कि वहां के लोगों के बीच जल्द ही अंधविश्वास के विरुद्ध जागरूकता अभियान चलाकर धान की कटाई कराई जाएगी.

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