Friday , 14 May 2021

केवल आत्मनिर्भर देश ही श्रेष्ठ देश बन सकता है: मंत्री डॉ.हर्षवर्धन


नई दिल्ली (New Delhi) . केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ.हर्षवर्धन ने वर्चुअल रूप से आत्मनिर्भर भारत, स्वतंत्र भारत तथा कोविड महामारी (Epidemic) के पश्चात भारत की स्वास्थ सेवा इकोसिस्टम पर स्वराज्य पत्रिका द्वारा आयोजित वेबिनार को संबोधित किया. उन्होंने सभी को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दी और आत्मनिर्भर भारत के विषय पर वेबिनारों की श्रृंखला शुरू करने के लिए स्वराज्य पत्रिका को बधाई दी. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) (Prime Minister Narendra Modi) के नेतृत्व में हमारी सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय के विचार से प्रेरित है. आत्मनिर्भर भारत हमारी सरकार का प्रमुख फोकस है जिसके इर्दगिर्द सभी आर्थिक नीतियां बनायी जा रही हैं. हमारी सरकार का फोकस अमीर और गरीब के बीच खाई को पाटना तथा सभी नागरिकों को समान अवसर प्रदान करना है.

डॉ.हर्षवर्धन ने कहा कि भारत तभी प्रगति करेगा जब प्रत्येक नागरिक की प्रगति होगी. उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक की प्रगति के लिए हमें आत्मनिर्भर होने की आवश्यकता है. आत्मनिर्भर भारत का अर्थ विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार नहीं है बल्कि वसुधैव कुटुंबकम की अवधारणा में विश्वास करना है’ इसका अर्थ दूसरे देशों पर भारत की निर्भरता समाप्त करना और विकास तथा प्रगति की ओर बढ़ना है. केवल आत्मनिर्भर देश ही सर्व श्रेष्ठ देश बना सकता है. उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम के रूप में हमने मेक इन इंडिया कार्यक्रम लाँच किया ताकि भारत मैन्युफैक्चरिंग, अत्याधुनिक अनुसंधान और नवाचार के केंद्र के रूप में बढ़े. उद्योग से हमारे युवाओं को अधिक रोजगार मिलेगा और उनके जीवन में समृद्धि आएगी. सरकार ने व्यवसाय को सुगम्य बनाया है और हम कर ढांचे को स्पर्धी बनाने, प्रक्रियाओं को सरल बनाने, अनावश्यक नियमों को समाप्त करने और टेकनॉलाजी पर फोकस करने का काम कर रहे हैं. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से भारत के गरीब लोगों को लाभ मिलेगा और उन्हें अवसर प्राप्त होंगे.

डॉ.हर्षवर्धन ने कहा कि कोविड आपात के समय प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत को कोविड-19 (Covid-19) महामारी (Epidemic) संकट को अवसर के रूप में देखना चाहिए और अर्थव्यस्था, टेकनालॉजी, अवसंरचना आकर्षक जनसंख्या तथा आत्मनिर्भर भारत बनाने की मांग जैसे पांच मौलिक स्तंभों पर फोकस किया था. उन्होंने कहा कि कमजोर अवसंरचना के साथ आबादी की संघनता बड़ी चुनौती पेश करती है. उन्होंने कहा कि बीमारी के संक्रमणकारी स्वभाव को समझते हुए और देश में समस्त स्वास्थ्य सेवा उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भारत ने वर्तमान स्वास्थ्य अवसंरचना को नई रणनीति दी ताकि जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में कोई व्यक्ति छूटे नहीं. उन्होंने कहा कि भारत ने लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान स्वास्थ्य अवसंरचना को उन्नत बनाने, स्वास्थ्यकर्मियों की क्षमता सृजन करने और देश में आवश्यक लॉजिस्टिक को उन्नत बनाने में समय का उपयोग किया.

उन्होंने कहा कि आज हम पीपीई किट, मास्क आदि बनाने में आत्मनिर्भर हैं और निर्यात करने की स्थिति में हैं. पुणे (Pune) में एक प्रयोगशाला से अब हमारे पास आईसीएमआर प्रमाणित 2323 प्रयोगशालाएं हैं. डॉ. हर्षवर्धन ने आरोग्य सेतु एप्लिकेशन का विकास कोविड प्रबंधन में सहायता के लिए किया गया. इस एप्लिकेशन को 168 मिलियन यूजरों ने डाउनलोड किया है.

Please share this news