Tuesday , 15 June 2021

फिर एक बार आक्रामक हुई कोरोना ने उड़ाई अपनों की शादी तय कर चुके परिवारों की नींद

भिलाई . कोरोना के फिर एक बार अपनाये आक्रामक तेवर से अपनों की शादी के तय कर चुके परिवारों की नींद उड़ गई है. शादी विवाह में मेहमानों की संख्या सीमित कर देने से ऐसे परिवारों की तैयारी धरी की धरी रह जाएगी. वहीं मांगलिक भवन और मेहमानों की असीमित संख्या के अनुरुप भोजन आदि के लिए दी गई बयाना राशि के डूबत में चले जाने की आशंका से भी अनेक परिवार परेशान हैंं.

गत वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते घोषित लॉकडाउन (Lockdown) ने कई परिवारों को अपनों की शादी स्थगित करने को मजबूत कर दिया. ऐसे परिवार जनवरी व फरवरी महीने में कोरोना संक्रमण के मामलों में आये गिरावट को देखते हुए इस बार शादी संपन्न कराने का निर्णय लेकर तैयारी शुरू कर दिया है. लेकिन मार्च महीने की शुरुवात से ही भिलाई-दुर्ग में जिस तेजी के साथ कोरोना संक्रमित मरीज की संख्या बढ़ती जा रही है, उससे अपनों की शादी की तैयारी में काफी आगे निकल चुके परिवारों की नींद उड़ गई है.

दरअसल, ऐसे परिवारों को यह भय सता रहा है कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए अगर जिला प्रशासन ने पुन: लॉकडाउन (Lockdown) घोषित कर दिया तो फिर उनके यहां शादी कैसे हो सकेगी. हालांकि शासन स्तर पर फिर एक बार लॉकडाउन (Lockdown) लगाये जाने की संभावना को हाल फिलहाल खारिज किया जाता रहा है. बावजूद इसके जिन परिवारों में अपनों की शादी तय हो चुकी है वे इस आशंका से भी उहापोह के दौर से गुजर रहे हैं कि कहीं मेहमानों की संख्या सीमित तो नहीं कर दी जाएगी. ऐसा होने पर शादी विवाह में सामान्य परिस्थितियों के अनुरुप बड़े व भव्य मांगलिक भवन, लाइटिंग, डीजे, बाजा, वीडियो व फोटोग्राफी, वाहन आदि सहित केटरिंग व्यवस्था के लिए दी गई बयाने की राशि का नुकसान उठाना पड़ सकता है.

गौरतलब रहे कि कोरोना संक्रमण का मामला एक बार फिर देश और प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा है. इसे देखते हुए पड़ोसी महाराष्ट्र (Maharashtra) व मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में प्रशासन फिर एक बार कड़ाई बरतने लगा है. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में राजधानी रायपुर (Raipur) (Raipur) के बाद दुर्ग जिला कोरोना संक्रमित मरीजों के मामले में शुरू से ही दूसरे पायदान पर बना हुआ है. मार्च में संक्रमण की रफ्तार तेज होने के बाद भी यह स्थिति बनी हुई है. 16 मार्च को एक ही दिन में 233 कोरोना संक्रमितों की पहचान दुर्ग जिले से होने के साथ ही 4 लोगों की मौत ने फिर एक बार लोगों में खौफ पैदा कर डाला है. ऐसी परिस्थिति में अपनों की शादी तय कर तैयारी में काफी आगे निकल चुके परिवार बेहद परेशान दिख रहे हैं.

पिछले पांच दिन में मिले 1468 संक्रमित

दुर्ग जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मार्च के दूसरे पखवाड़े में पांच दिन के भीतर ही 1468 संक्रमित मरीज मिले हैं. जबकि पहले पखवाड़े के 1 से 15 मार्च के बीच संक्रमितों की संख्या महज 1126 थी. इस तरह देखा जाए तो 16 मार्च से कोरोना संक्रमण की रफ्तार काफी तेज हो गई है. इस दौरान 15 लोगों की मौत भी हुई है. संक्रमण तेज होता देख प्रशासन ने मैत्री गार्डन सहित शहरी क्षेत्र के अन्य सभी उद्यानों को बंद करा दिया है. रफ्तार ऐसी ही रही तो नाइट कर्फ्यू (Curfew) लगाये जाने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा रहा है. ऐसा होने पर शादी, विवाह जैसे आयोजन कई तरह के बंदिशों के बीच संपन्न होने से लोगों को अपनी योजना बदलनी पड़ सकती है.

टेंट, केटरिंग, फोटोग्राफी, वाहन व बाजा वाले सशंकित

कोरोना की रफ्तार अचानक तेज हो जाने से शादी विवाह में अपनी कमाई व रोजी रोटी को लेकर टेंट हाउस, केटरर्स, वीडियो व फोटोग्राफी करने वालों सहित बाजा और डीजे वाले सशंकित हो उठे हैं. गत वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते लंबे समय तक लगी लाकडाउन ने ऐसे व्यापारियों को घर बैठने मजबूर कर दिया था. खासकर शादी विवाह के मौके पर अलग-अलग कार्य में संलग्न रहते हुए रोजी रोटी की व्यवस्था करने वाले मजदूरों को काम के अभाव में आर्थिक संकट के दौर से गुजरना पड़ा था. ऐसे लोगों को कुछ दिन पहले तक कोरोना संक्रमण की गति नियंत्रित रहने से इस बार काम मिलने की उम्मीद थी. लेकिन जिस तरीके से संक्रमण बढ़ रहा है उससे इस बार भी शादी विवाह में ग्रहण लगने की आशंका बन गई है.

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