Thursday , 24 September 2020

अब प्रत्येक माह एक दिन के लिए एक बालिका बनेगी जिला कलक्टर

उदयपुर (Udaipur). ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजनान्तर्गत जिला स्तरीय त्रैमासिक बैठक शुक्रवार (Friday) को कलक्टर सभागार में जिला कलक्टर (District Collector) चेतन देवड़ा की अध्यक्षता में आयोजित की गई. कलक्टर ने जिले में बालिकाओं को प्रोत्साहित करने के लिए नवाचार करते हुए कहा कि प्रत्येक माह प्रत्येक ब्लॉक से वंचित ग्राम पंचायतों से एक बालिका को एक दिन के लिए जिले का कलक्टर बनने का मौका मिलेगा. इससे बालिकाओं का मनोबल बढ़ेगा और सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा.

महिला अधिकारिता उपनिदेशक संजय जोशी ने बताया कि जिले में बेटियों के सकारात्मक एवं सुरक्षात्मक वातावरण बनाने के लिए ब्लॉक स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली 10 बालिकाओं  को ब्लॉक स्तर पर सम्मानित किया जायेगा. उन्होंने बताया कि शिक्षा-सेतु योजनान्तर्गत ड्राप आउट बालिकाओं को शिक्षा जोड़ा जाकर बेहतर शिक्षा के लिए शिक्षा विभाग के आपसी समन्वयन से ब्लॉक स्तर पर शिक्षा कैम्प का आयोजन किया जायेगा. विभिन्न ग्राम पंचायतों के कलस्टर बनाकर विद्यालय जाने वाली बालिकाओं के लिए सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन बाल विकास परियोजना अधिकारियों के माध्यम से करवाया जायेगा, वहीं बालिकाओं के लिए खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा. जिले में 11 अक्टूबर (अन्तर्राष्ट्रीय बालिका दिवस) के उपलक्ष में जिला स्तर पर शिक्षा के क्षेत्र में 10वीं एवं 12वीं में जिले में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली 10-10 बालिकाओं एवं बालिका शिक्षा के क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य करने वाले 10 विद्यालयों को सम्मानित किया जायेगा. जिले में बालिकाओं से जुड़ी विभिन्न योजनाएं एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी देने हेतु वॉल पेन्टिंग करवाई जायेगी.

बाल लिंगानुपात पर चर्चा

बैठक में जिले में बाल लिंगानुपात पर चर्चा की गई. कलक्टर ने जिले में जिन ब्लॉक में बाल लिंगानुपात के आंकड़ों में कमी आ रही है, उन ब्लॉक में पीसीपीडीएनटी एक्ट के बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश दिये. पीसीपीडीएनटी एक्ट की जिला समन्वयक श्रीमती मनीषा भटनागर ने बताया की जिले में लगातार सोनोग्राफी मशीन की जांच विभागीय नियमानुसार की जा रही है. कलक्टर ने योजनान्तर्गत बालिकाओं को सशक्त करने एवं उनके सम्पूर्ण जीवन कौशल में सुधार करने के शिक्षा विभाग, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग एवं अन्य राजकीय छात्रावासों में बालिकाओं के साथ विभिन्न सत्रों का आयोजन करने के निर्देश भी प्रदान कियें. साथ ही शिक्षा विभाग को विद्यालय में गरिमा पेटी का नियमित संचालन एवं क्रियान्वयन करने के निर्देश प्रदान किये. बैठक में क्राई के जिला समन्वयक देवकिशन, बाल विकास परियोजना अधिकारी नन्दलाल मेघवाल, जुबेर चिश्ती, राजेश शर्मा आदि ने जिले में बालिका सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए अपने सुझाव रखें.

वन स्टॉप सेन्टर (सखी) एवं जिला महिला सहायता समिति की बैठक

जिला कलक्टर (District Collector) की अध्यक्षता में वन स्टॉप सेन्टर (सखी) एवं जिला महिला सहायता समिति की त्रैमासिक बैठक का आयोजन हुआ. बैठक में कलक्टर ने महिला अधिकारिता उपनिदेशक को वन स्टॉप केन्द्र के लिए जल्द से जल्द सेटेलाइट हांस्पीटल के 2 किमी की परिधि में भूमि का चयन कर संबंधित विभाग से समन्वय से वन स्टॉप केन्द्र बनाने के निर्देश दिये तथा इन केन्द्रों पर पुलिस (Police) महिला कांस्टेबल उपलब्ध कराने के लिए पुलिस (Police) विभाग को निर्देश प्रदान किये. कलक्टर ने प्रत्येक राजकीय एवं गैर राजकीय कार्यालय/संगठन/उपक्रम इत्यादि जहां 10 से अधिक कार्मिक कार्य कर रहे है, वहां कार्यस्थल पर लैंगिक हिंसा की रोकथाम, अधिनियम के तहत अनिवार्य रूप में आन्तरिक शिकायत समिति का गठन करने के निर्देश प्रदान किये. बैठक में संरक्षण अधिकारी, प्रचेता, पैनल अधिवक्ता, पुलिस (Police) विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग इत्यादि के पदाधिकारियों ने भाग लिया.