Friday , 14 May 2021

NIC ने CBSE के स्कूलों के लिए कोलैबकैड सॉफ्टवेयर किया विकसित

नई दिल्ली (New Delhi) . राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी), इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रद्योगिकी मंत्रालय और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई), शिक्षा मंत्रालय ने अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम), नीति आयोग के साथ संयुक्त रूप से आज यहां कोलैबकैड सॉफ्टवेयर का शुभारंभ किया और कोलैबकैड3डी मॉडलिंग पर एक समग्र पुस्तिका जारी की.

वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रद्योगिकी मंत्रालय के सचिव अजय साहनी, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) की महानिदेशक डॉ. नीता वर्मा, अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) में मिशन निदेशक रमणन रामनाथन, सीबीएसई के अध्यक्ष मनोज आहूजा, सीबीएसई के आईटी एवं परियोजना निदेशक डॉ. अन्तरिक्ष जौहरी, सीबीएसई के अकादमिक निदेशक डॉ. जोसफ इमैनुयल, एनआईसी की उप महानिदेशक डॉ. सविता डावर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामय उपस्थिती रही.

एनआईसी और सीबीएसई ने सीबीएसई से मान्यता प्राप्त सभी स्कूलों में कोलैबकैड सॉफ्टवेयर से जुड़ी तकनीकी सहायता और छात्रों व शिक्षकों को 10 वर्ष की अवधि के लिए प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किए. इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रद्योगिकी मंत्रालय के सचिव अजय साहनी ने कहा “एनआईसी की टीम ने देश के जाने-माने संस्थानों के साथ मिलकर एक बेहतरीन सॉफ्टवेयर विकसित किया है.

यह सॉफ्टवेयर अटल टिंकरिंग लैब के छात्रों के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध हुआ है और अब सीबीएसई की मदद से और प्रभावी तथा उपयोगी बनेगा. उन्होंने कहा कि इसका उपयोग खेल समूहों, हॉबी समूहों और व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए भी होना चाहिए. कोलैबकैड पहला ऐसा स्वदेशी उपकरण है जिसे एनआईसी ने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) और विक्रम साराभाई अन्तरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) के साथ मिलकर तैयार किया गया है. यह नेटवर्क पर चलने में सक्षम एक डेस्कटॉप सॉफ्टवेयर सिस्टम है जो इंजीनियरिंग ग्राफिक पाठ्यक्रम के छात्रों और शिक्षकों को 2डी ड्राफ्टिंग और डिटेलिंग से लेकर 3डी प्रोडक्ट डिजाइनिंग तक मदद करता है.

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