Thursday , 1 October 2020

छत्तीसगढ़ में गणपति के आत्मसमर्पण से नक्सली संगठन ने किया इनकार, कहा वह अब भी हमारे साथ

रायपुर (Raipur) . देश में सक्रिय नक्सली संगठन के शीर्षस्थ नेताओं में शामिल गणपति के पुलिस (Police) के सामने आत्मसर्म्पण से नक्सली संगठन ने इनकार किया है. नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी ने लिखित बयान जारी कर इसे छत्तीसगढ़ व तेलंगाना विशेष खुफिया शाखा (एसआइबी) और केंद्र सरकार (Government) की साजिश बताया है. सेंट्रल कमेटी के प्रवक्ता अभय के हवाले से जारी इस बयान में कहा गया है कि हालांकि गणपति ने दो वर्ष पहले बढ़ी उम्र और शारीरिक दिक्कतों के कारण पार्टी के महासचिव का पद छोड़ दिया है, लेकिन अब भी वह संगठन के साथ हैं.
नक्सली संगठन की तरफ से गणपति के संबंध में यह स्पष्टीकरण आने में करीब चार दिन से अधिक का समय लग गया. बता दें कि करीब चार दिन पहले गणपति के आत्मसर्म्पण को लेकर खबर आई थी. इसमें कहा गया था कि वह आत्मसर्म्पण करना चाहता है. पुलिस (Police) के कुछ अफसरों ने यहां तक कहा कि उसने तेलंगाना पुलिस (Police) के सामने आत्मसर्म्पण कर दिया है.

खुफिया विभाग के सूत्रों के अनुसार गणपति के आत्मसमर्पण की खबर से नक्सली संगठन में बेचैनी बढ़ गई थी, क्योंकि गणपति को नक्सलियों का सबसे बड़ा नेता माना जाता है. पार्टी के महासचिव की हैसियत से गणपति ने सबसे लंबे समय तक संगठन का नेतृत्व किया है. उसके आत्मसम्पर्ण की खबरे नक्सली संगठन में इस वजह से भी बेचैनी बढ़ गई क्योंकि वह गंभीर स्र्प से बीमार है.

गणपति उसकी उम्र करीब 80 साल है. पुलिस (Police) के खुफिया विभाग का अनुमान है कि गणपति ने बस्तर के अबूझमाड़ के घने जंगलों में कहीं डेरा डाल रखा है. किसी भी राज्य की पुलिस (Police) या केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को भी नहीं पता है कि गणपति अभी दिखता कैसा है. गणपति की एक मात्र फोटो उपलब्ध है, जो करीब 30 वर्ष पुरानी है. गणपति यानी मुपल्ला लक्ष्मण राव, ऊर्फ गणपति ऊर्फ लक्ष्मण राव, ऊर्फ राजि रेड्डी, ऊर्फ श्रीनिवास राव. मूतल: आंध्रप्रदेश के करीमनगर का रहने वाला है. पुलिस (Police) के पास उपलब्ध रिकार्ड के अनुसार साइंस स्नातक गणपति बीएड के बाद शिक्षक बना, लेकिन बाद में नक्सली संगठन से जुड़ गया.