Friday , 26 February 2021

हाथरस कांड में सामने आया नक्सली कनेक्शन : नकली भाभी के तीन साथियों की तलाश


हाथरस . हाथरस में दलित युवती के साथ हुए गैंगरेप (Gangrape) कांड में एक बड़ा खुलासा हुआ है. इस कांड की आड़ में बड़े पैमाने पर हिंसा फैलाने की साजिश रची गई थी. साजिश में नक्सली कनेक्शन का खुलासा हुआ है. नक्सलियों से संबंध रखने वाली जबलपुर (Jabalpur)की महिला इस घटना के दो दिन बाद पीडि़ता के घर रहकर लोगों को भड़काती रही. पीडि़ता के घर रहने वाली यह महिला ने कई बार पुलिस (Police) को बयान भी दिया. बताया जा रहा है कि यहां वह अपने तीन साथियों के साथ भाभी बनकर रह रही थी. महिला को जब लगा कि उस पर एसआईटी को शक हो रहा है तो वहां से भाग गई. पुलिस (Police) इस भाभी की तलाश कर रही है. वहीं इस मामले में भीम आर्मी और पीएफआई के गठजोड़ की भी भनक लग रही है.

सीडीआर व टॉवर लोकेशन से पड़ताल

एसआईटी की पड़ताल में यह खुलासा हुआ कि दंगा भड़काने की साजिश में जबलपुर (Jabalpur)की रहने वाली एक महिला भी शामिल है. मामले की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय एसआईटी में गृह सचिव भगवान स्वरूप के अलावा डीआईजी चंद्र प्रकाश और एसपी पूनम बतौर सदस्य शामिल हैं. एसआईटी की जांच में पीडि़त परिवार के सदस्यों की सीडीआर पड़ताल में महिला की डीटेल मिली है. टॉवर लोकेशन के आधार पर उक्त महिला पीडि़त परिवार के साथ करीब 7 दिनों तक रही पूरे मामले को अपने तरीके से हैंडल करती रही. शुरूआती पूछताछ में महिला ने अधिकारियों से बताया था कि वह पीडि़ता की भाभी है. एसआईटी जांच में यह पता चला है कि पीडि़ता के घर ठहरने वाली महिला से उनकी कोई रिश्तेदारी नहीं है.

मुझे नक्सल कैसे कहा, सबूत पेश करे पुलिस (Police)

हाथरस में हुए कथित गैंगरेप (Gangrape) मामले में नक्सल कनेक्शन सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है. जहां एसआईटी की टीम मध्य प्रदेश के जबलपुर (Jabalpur)की रहने वाली महिला की तलाश में जुटी है. इसी बीच नक्सली होने का आरोप लगने पर प्रोफेसर डॉक्टर (doctor) राजकुमारी बंसल ने मीडिया (Media) के सामने एक बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि मेरा कोई रिश्ता नहीं है, मैं केवल आत्मीयता के तौर पर हाथरस गैंगरेप (Gangrape) पीडि़ता के घर गई थी. राजकुमारी बंसल ने बताया कि उनको अच्छा लगा कि हमारे समाज की एक लड़की इतने दूर से आई है तो उन्होंने कहा कि बेटा एक दो दिन रूक जाओ, तो मैं रूक गई. उन्होंने कहा कि मैं पीडि़त परिवार की आर्थिक मदद करना चाहती थी. सिर्फ पति को बताकर गई थी. उधर, एसआईटी की जांच पर सवाल खड़ा करते हुए महिला ने कहा कि पहले सबूत पेश करें. वहीं बोलना और आरोप लगाना बहुत आसान होता है.

पेशे से मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर डॉक्टर (doctor) राजकुमारी बंसल ने कहा कि मुझे लगा के मेरे नंबर के साथ टेंपरिंग की जा रही हैं. मैने फौरन साइबर पुलिस (Police) में रिपोर्ट की है. ये मेरे मान सम्मान की बात है. कैसे मुझे नक्सल कहा गया. उन्होंने कहा कि मैं फॉरेंसिक रिपोर्ट देखने गई थी, क्योंकि मैं एक्सपर्ट हूं उस विषय की. आरोपी महिला ने कहा कि मैने भाभी बनकर कभी इन्टव्र्यू नहीं दिया, मैने कहा कि मैं बेटी हूँ.

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