Tuesday , 22 September 2020

नड्डा और फड़नवीस बिहार दौरे में सीएम नीतीश से करेंगे सीट शेयरिंग पर चर्चा


पटना (Patna) . भाजपा का अध्यक्ष बनने के बाद जेपी नड्डा दूसरी बार और बिहार (Bihar)में चुनाव की घोषणा के बाद पहली बार बिहार (Bihar)जा रहे हैं. सूत्रों के अनुसार इस यात्रा के दौरान एनडीए के बीच सीटों की औपचारिक घोषण भले ही नहीं हो, लेकिन संख्या पर आपसी सहमति बन सकती है. बिहार (Bihar)दौरे में भाजपा अध्यक्ष मुख्यमंत्री (Chief Minister) और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से भी मुलाकात करेंगे. महाराष्ट्र (Maharashtra) के पूर्व मुख्यमंत्री (Chief Minister) व बिहार (Bihar)के चुनाव प्रभारी देवेंद्र फडनवीस भी शुक्रवार (Friday) को ही पटना (Patna) पहुंचने वाले हैं.

पटना (Patna) में वह भाजपा के मीडिया (Media) सेंटर के उद्घाटन व अन्य कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी. भाजपा अध्यक्ष पहले 29 अगस्त को ही बिहार (Bihar)आने वाले थे लेकिन यह कार्यक्रम लॉकडाउन (Lockdown) के कारण स्थगित हो गया था. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा 11 सितंबर को पटना (Patna) पहुंचेंगे. 12 को वे दरभंगा में मखाना उत्पादकों व मछली उत्पादकों के साथ बैठक करेंगे. किसानों से वे मखाना व मछली उत्पादन पर बातचीत करेंगे. इसके बाद मुजफ्फरपुर में किसान चाची से मिलने उनके इब्राहिमपुर गांव जाएंगे. वहां लीची कृषक व महिला किसानों की बैठक को संबोधित करेंगे.

कोरोना काल में होने वाले बिहार (Bihar)विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा के जनसम्पर्क अभियान का अंदाज बदला-बदला रहेगा. पिछली बार हुए चुनाव में जहां नेता मैदान में चुनावी भाषण करते थे, वहीं इस बार पूरा जोर वर्चुअल पर है. पार्टी नेता आम तौर पर हर दिन दो-तीन वर्चुअल बैठक कर रहे हैं. पिछली बार की चुनावी रैलियों में जहां अधिक से अधिक लोगों के जुटान पर जोर हुआ करता था, वहीं इस बार छोटे-छोटे समूह में लोगों से मिलने-जुलने का कार्यक्रम होगा.

वर्चुअल कार्यक्रम के लिए भाजपा ने एक और विकल्प तैयार किया है. इसकी बानगी गुरुवार (Thursday) को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) (Prime Minister Narendra Modi) के कार्यक्रम में देखने को मिली. पीएम ने जब 294 करोड़ की कृषि, मत्स्य व पशुपालन विभाग की योजनाओं की सौगात बिहार (Bihar)को दी तो इसके लिए उन सातों जिले में मंत्रियों की तैनाती की गई, जहां-जहां परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन होने थे. साथ ही पार्टी के सांसद, विधायक व विधान पार्षदों को भी आमंत्रण दिया गया ताकि वे छोटे समूह में पीएम को सुन सकें.