Saturday , 19 June 2021

मनरेगा में मप्र कराएगा 34 करोड़ मानव दिवस काम

भोपाल (Bhopal) . मनरेगा के क्रियान्वयन और इसके अंतर्गत लेबर बजट बढ़वाकर हर साल मानव दिवसों का लक्ष्य बढ़वाने में मप्र देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है. अब मप्र में मनरेगा के तहत 34 करोड़ मानव दिवस काम होगा. इससे करोड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा. गौरतलब है कि हालही में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मप्र के लिए 3 करोड़ मानव दिवस काम कराने की मंजूरी दी है. इसके लिए 560 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है.

मप्र सरकार ने लगातार चौथी बार मनरेगा के लिए लेबर बजट में इजाफा करवाया है. लद्दाख इस मामले में देश में सबसे पहले नंबर पर है लेकिन मप्र आकार के हिसाब से लद्दाख से काफी बड़ा है और यहां 34 करोड़ मानव दिवस कार्य कराने के लिए बजट स्वीकृत किया गया है. इस साल में लगातान पांचवी बार लेबर बजट का पुनर्निर्धारण करवाया गया है. प्रदेश में मनरेगा के तहत अब तक मानव दिवस की संख्या में पांच बार इजाफा किया जा चुका है. कोरोना के दौरान मप्र में आए प्रवासी मजदूरों और स्थानीय पहले से रह रहे मजदूरों को उनके गांव में उनके घर के समीप काफी काम उपलब्ध कराया गया है.

सबसे पहले 19 करोड़ मानव दिवस का लेबर बजट मिला था. इसके बाद बीस करोड़ मानव दिवस का लक्ष्य सितंबर में पूरा किया गया था फिर बजट 28 करोड़ किया गया. इसके बाद 31 करेड़ मानव दिवस का बजट बढ़ाया गया था जो जनवरी में पूरा कर लिया गया. राज्य सरकार (State government) ने केन्द्र सरकार से 38 करोड़ मानव दिवस का लेबर बजट मांगा था. कोरोना के बीच मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में मजदूरों से पौधरोपण, नहर, सड़क, जल संग्रहण के लिए गड्ढे खुदवाने से लेकर कई तरह के काम कराए गए.

इनका कहना है

केंद्र सरकार (Central Government)ने मनरेगा में मप्र का लेबर बजट बढ़ाकर 34 करोड़ मानव दिवस कर दिया है. लक्ष्य पुनर्निर्धारण के मामले में मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है. इससे मजदूरों को भरपूर काम प्रदेश के भीतर देने में मदद मिली है.
मनोज श्रीवास्तव,
अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास

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